कंधई मधुपुर गांव में सीएम योगी आदित्यनाथ की चौपाल में अपनी समस्याओं से अवगत कराने आईं महिलाओं को निराशा हाथ लगी। कोई पुलिस प्रशासन से प्रताड़ित था, किसी की जमीन भूमाफियों ने कब्जा कर रखा था। सबकी अपनी-अपनी शिकायतें थीं। मगर जिस उम्मीद से सभी सीएम की चौपाल में आए थे, वह पूरा नहीं हो सका।
और आखिरकार उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। रेखा सिंह पत्नी सुशील सिंह ने बताया कि उसकी बेटी को जहर देकर मार दिया गया। पुलिस ने आरोपियों को खुला छोड़ रखा। कहा कि न्याय मिलेगा इसी आस में आई थी। मगर उम्मीद पर पानी फिर गया। रमापति आवास की आस लेकर पहुंचे थे। मगर उनकी भी नहीं सुनी गई। हिम्मतपुर की माधुरी देवी ने बताया कि पड़ोसियों ने उनके आवास पर कब्जा कर लिया। शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। सीएम से अपनी समस्या बताने के लिए आई थी।
मगर सुना नहीं सकी। बाघराय की रहने वाली रोशनी ने बताया कि दहेज के लिए उसे मारपीट कर भगा दिया गया। खुलेआम आरोपी हत्या की धमकी दे रहे हैं। शिकायत के बाद भी पुलिस नहीं ध्यान दे रही है। मगरौरा की अनारा देवी की भी यही समस्या थी। गायत्री ङ्क्षसह को अभी तक राशन कार्ड नहीं नहीं मिला है, जबकि वह अत्यंत गरीब है। विकलांग रितेश शर्मा ने बताया कि दबंगों ने उसके पूरे परिवार को घुसकर पीटा था। पुलिस आज तक कार्रवाई नहीं कर रही है। जलेसरगंज धारूपुर के मृत लाइनमैन कपिल देव के परिजनों को अब तक अनुदान की फूटी कौड़ी नहीं मिली है। अफसरों ने वादा किया था, मगर भुगतान नहीं किया जा सका।