पट्टी कोतवाली में सोमवार को ढाई घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला। खुद को पट्टी कोतवाल की पत्नी बता रही एक महिला सबके सामने उनसे भिड़ गई। वर्दी पर लगा बिल्ला भी नोच डाला। महिला पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद उस पर काबू पाया। काफी देर बाद वह शांत हुई। धमकी दी कि यदि इंस्पेक्टर उसके सामने नहीं आते तो वह गंगा में कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर लेगी।
पट्टी कोतवाल नरेंद्र सिंह सोमवार की सुबह कोतवाली में बैठकर काम-काज निपटा रहे थे। करीब साढ़े दस बजे एक महिला वहां पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो वह सीधे कोतवाल के पास पहुंची और कहा कि कब तक मुझसे भागते रहोगे। यह कहते हुए वह इंस्पेक्टर से भिड़ गई। अभी मातहत पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते कि उसने इंस्पेक्टर का बिल्ला नोच डाला।
इस पर वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मी दौड़ पड़ीं। किसी तरह महिला को काबू में करने के बाद इंस्पेक्टर के कमरे में ले गईं। जहां पुलिसकर्मी उसे समझाते रहे। इंस्पेक्टर कोतवाली से बाहर चले गए। महिला का आरोप था कि प्रयागराज में नौकरी के दौरान 2008 में इंस्पेक्टर ने उसे अपनी पत्नी बनाया था। वह डफरिन में संविदा पर स्वाथ्यकर्मी है। अब उसे छोड़ दिया है।
मोबाइल पर बात करना भी बंद कर दिया है। करीब ढाई घंटे तक कोतवाली में हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। महिला ने धमकी दी कि यदि इंस्पेक्टर उससे बातचीत नहीं करते तो वह गंगा में कूदकर जान दे देगी। इसके बाद वह स्कूटी लेकर सीओ पट्टी से मिलने पहुंची। कुछ देर तक रुकने के बाद वह शहर की ओर चली गई।
इस मामले को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। इस बारे में पूछने पर पट्टी कोतवाल नरेंद्र सिंह ने कहा कि वह अभी इलाके में हुई घटना में व्यस्त हैं। बाद में बात करेंगे।
पट्टी कोतवाली की घटना की जानकारी नहीं है। मुझे किसी ने कुछ नहीं बताया। मामले की जांच कराई जाएगी।
अभिषेक सिंह, पुलिस अधीक्षक।