प्रतापगढ़। जिले में बैटरी से चलने वाले ई-रिक्शा का पंजीकरण नहीं है। चालक मनमाने ढंग से शहर में फर्राटा भर रहे हैं। इसके कारण कई बार हादसे भी हो चुके हैं।
शहर में इन दिनों ई-रिक्शा की भरमार हो गई है। ई-रिक्शा चालकों के पास लाइसेंस नहीं है। न तो इस रिक्शे का बीमा होता है और न ही किसी ने पंजीकरण करा रखा है। विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ई-रिक्शा बैटरी से चलता है। फुल चार्ज होने के बाद 50 से 60 किमी तक आसानी से जा सकता है। इसमें चालक को कोई मेनहत नहीं करनी पड़ती है। कइयों ने ई-रिक्शा खरीदकर किराए पर चलाने के लिए दे दिया है। बताया जाता है कि रिक्शा चालक को बैटरी नंबर और इंजन नंबर लिखा मिलता है। गुम हो जाने के बाद चालक किसी थाने में रिपोर्ट नहीं दर्ज करवा सकते हैं।
ई-रिक्शा का पंजीकरण अनिवार्य है। चालकों को लाइसेंस भी दिया जाएगा। बड़े शहरों में यह काम शुरू हो गया है। यहां भी यह नियम जल्द लागू किया जाएगा। ई रिक्शा चालकों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
छवि सिंह, एआरटीओ