बुधवार को हाड़ कंपाने वाली ठंड ने बेल्हा में दस्तक दे दी। ठिठुरन भरी ठंड से बचने के लिए लोग दिनभर ऊनी कपड़ों में लिपटे रहे। दिन और रात के पारे में लगातार हो रही गिरावट के चलते शाम होते ही गलन भरी ठंड का दौर प्रारंभ हो गया। भीषण ठंड पड़ने से बुधवार को जेठवारा निवासी भोलादास रजक की मौत हो गई।
बुधवार को बेल्हा ठिठुरन भरी ठंड के कहर में आ गया। जम्मू कश्मीर की ओर से चलने वाली बर्फीली हवाओं ने कोहरे से तो राहत दे दी, मगर गलन भरी ठंड से लोगों को कंपा दिया। पहले दिन पड़ी ठिठुरन भरी ठंड से जेठवारा इलाके के गौरा गांव निवासी भोलादास रजक (54) की मौत हो गई। भोलादास दोपहर करीब साढ़े बारह बजे बकुलाही नदी में कपड़े धोने गए थे, घर लौट कर आने पर सीने में दर्द होने लगा। गांव के ही पूर्व प्रधान कमलाकांत मिश्र ने आनन-फानन में निजी नर्सिेंग होम में भर्ती कराया जहां उनकी मौत हो गई। जिले में ठंड से मौत की यह पहली घटना है। पहले ही दिन ठिठुरन भरी ठंड पड़ने से लोग बेहाल रहे। ठंड से बचने के लिए लोगों ने ऊनी कपड़ों में लिपटे हुए थे।
बुधवार को दिन और रात के तापमान में आई गिरावट से अचानक गलन भरी ठंड का दौर प्रारंभ हो गया है। बुधवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर करीब दो बजे सूर्यदेव बादलों से निकलने का प्रयास करते रहे, मगर धुंध इतनी हावी थी कि सूर्यदेव का प्रभाव निरर्थक नजर आया। बुधवार को न्यूनतम तापमान 11.6 और अधिकतम 16.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि जम्मू कश्मीर से आने वाली बर्फीली हवाओं से ठिठुरन भरी ठंड जारी है। उन्होंने बताया कि अभी आगे भी ठंड का कहर जारी रहेगा।