पश्चिमोत्तर हवा बदलने से रफ्ता-रफ्ता ठंड बढ़ने के आसार हैं। गुरुवार को दोपहर तक ग्रामीण अंचलों में घना कोहरा छाया रहा। इससे लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ट्रेनों का सफर करने पहुंचे यात्रियों को काफी देर तक प्लेटफार्म पर गुजारना पड़ा। हालांकि शहर में भी दस बजे के बाद ही सूर्यदेव के दर्शन हो सके थे।
जनपद के वातावरण में नमी बढ़ी तो गलन का तेवर भी बढ़ता जा रहा है। गुरुवार दोपहर दो बजे के बाद से गलन महसूस होने लगी। सनई अनुसंधान केन्द्र के मौसमविद देशराज मीना ने बताया कि बुधवार से अचानक दक्षिण पश्चिम हवाएं चलने लगी हैं। पश्चिमी हवा जहां कोहरे को थोड़ा कम करती है वहीं दक्षिणी हवा उसे बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। इससे ठंड में भी इजाफा होता है।
जाड़े में यह हवा बारिश का कारण भी बनती है। कुहरे की वजह से सुबह के तापमान में 104 प्रतिशत आद्रता यानी नमी रिकार्ड की गई। दोपहर के वक्त 67 प्रतिशत आद्रता रही। मौसम में नमी होने के कारण ग्रामीण अंचलों में कोहरा देर तक थमा रहा। उनके मुताबिक अगर यही स्थिति रही तो हर दिन ठंड रफ्ता-रफ्ता बढ़ती ही जाएगी। गलन के साथ कोहरा घना होता चला जाएगा। गुरुवार को शहर से लेकर गांव तक कुहरे की मोटी परत जमी रही। इसकी वजह से यात्रियों व स्कूली बच्चों को आवागमन में दिक्कत हुई। सुबह के वक्त जो भी घर से निकला थोड़ी ही देर में उसका कपड़ा पानी की बूंद से नम हो गया। ठंड लगने से गुरुवार को जिला अस्पताल में जोगापुर कालोनी के रामचंद्र और कीना का पुरवा का सोनल को लाया गया।