एआरटीओ कार्यालय में वाहन स्वामियों के अभिलेखों को कूड़े के ढेर में फेंकने के मामले को डीएम ने संज्ञान में लिया है। उन्होंने इस प्रकरण में एआरटीओ से स्पष्टीकरण मांगा है।
एआरटीओ कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी से वाहन स्वामियों के वाहनों के अभिलेखीय रिकार्ड कूड़े की तरह कार्यालय के छत पर फेंके गए हैं। जिसमें करीब सवा लाख वाहनों के पंजीकरण से लेकर टैक्स से संबंधित अभिलेख शामिल हैं।
इससे वाहन स्वामियों के सामने मुश्किलें पैदा होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अमर उजाला ने 18 मार्च के अंक में यह मामला प्रमुखता से उठाया था। मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने एआरटीओ से स्पष्टीकरण मांगा है।
मैग्मा कंपनी के सीनियर एक्जक्यूटिव के पद पर तैनात राजकमल सिंह ने पुलिस अधीक्षक को बाघराय के कोर्रही के चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की है। उसका आरोप है कि एआरटीओ कार्यालय से ट्रैक्टर से संबंधित फाइल कार्यालय से नष्ट कर दी गई है। इससे उसकी कंपनी से लोन लेने वाले लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। उसने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।