राजकीय कृषि बीज भंडार में लगी किसानों की भीड़। संवाद
राजकीय कृषि बीज भंडारों में गेहूं के बीज खत्म होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बीज की किल्लत से बोआई पिछड़ रही है। किसान नई रैक आने का इंतजार कर रहे हैं। इसके लिए वह कृषि बीज भंडारों के चक्कर लगा रहे हैं। बीज न मिलने से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। वहीं, शासन के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष महज 31.20 फीसदी ही बोआई हो पाई है।
जनपद के 17 कृषि बीज भंडारों पर पखवाड़े भर पहले 6228 क्विंटल गेहूं बीज उपलब्ध कराया गया था। लेकिन, पहली रैक आते की खत्म हो गई। जिस वजह से बोआई पर असर पड़ है। गेहूं के बीज की मांग को देखते हुए कृषि विभाग ने 846 क्विंटल बीज राष्ट्रीय बीज निगम से मंगाया है। वहीं, दो हजार क्विंटल बीज का आर्डर विकास निगम को दिया है।
गेहूं बीज और खाद की किल्लत के चलते 1,68,785 हेक्टेयर क्षेत्रफल लक्ष्य के सापेक्ष के 52,661 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर गेहूं की बोआई की जा सकी है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि दो दिन के अंदर गेहूं बीज 17 कृषि बीज भंडारों में उपलब्ध हो जाएगा।
इनसेट
किसानों से बातचीत
-
0 गेहूं की बोआई पिछड़ने से फसल में रोग लगने का खतरा बढ़ जाता है। तेज हवा की चपेट में आने से दाने भी टूट जाते हैं। समय पर बीज और खाद न मिलने के कारण गेहूं बोआई नहीं कर हो पाई है।
जयकिशन सिंह, ओझला।
0 बोआई में देरी होने पर बारिश से फसल खराब होने का डर बना रहता है। बारिश के कारण फसल के दाने ठीक से तैयार नहीं हो पाते हैं। दाने काले पड़ने पर पैदावार कम होने की संभावना रहती है। खाद मिलने के बाद बीज के लिए कृषि बीज भंडारों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
राहुल मिश्रा, श्रीकांतपुर।
राजकीय कृषि बीज भंडार में लगी किसानों की भीड़। संवाद