राज्य विश्वविद्यालय के निर्देश पर महाविद्यालयों में कराई जा रही मिड टर्म परीक्षा छात्रों के लिए मुसीबत बन गई है। इसका प्रमुख कारण पाठ्यक्रम पूरा न होना भी बताया जा रहा है। छात्र आलोक बाजपेई, रितिक जायसवाल, सौम्या श्रीवास्तव ने बताया कि 28 नवंबर से सेमेस्टर परीक्षा होनी है इसके पहले मिड टर्म परीक्षा की अचानक घोषणा करने से मुख्य परीक्षा की तैयारी में बाधा आएगी।
राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय की ओर से स्नातक विषम सेमेस्टर परीक्षा की समय सारिणी जारी कर दी गई है। वहीं, कॉलेजों ने परीक्षा से पहले मिड टर्म कराने का निर्णय लिया है। नियम के अनुसार कॉलेजों को प्रत्येक सेमेस्टर में तीन मिड टर्म परीक्षा करानी होती है। जिसके प्राप्तांक मुख्य परीक्षा के साथ जोड़े जाते हैं।
राज्य विश्वविद्यालय ने तीनों मिड टर्म परीक्षाएं 15 नवंबर से पहले कराने का निर्देश जारी किया था। इसके बावजूद अधिकांश कॉलेजों की लापरवाही के कारण दो ही मिड टर्म परीक्षा कराई जा सकी। कार्रवाई के डर से कॉलेजों ने आनन फानन में तीसरा मिड टर्म परीक्षा कराने का फरमान जारी कर दिया है। वहीं, विषम सेमेस्टर का शिक्षण कार्य भी 16 नवंबर तक पूरा कर लेना था। इसके बावजूद आधा अधूरा कोर्स ही समाप्त हो सका है। कुलपति डॉ. अखिलेश सिंह ने बताया कि समय से मिड टर्म परीक्षा के साथ शिक्षण कार्य पूरा करने का आदेश दिया गया था। विद्यार्थियों के लिए यह समय विश्वविद्यालय परीक्षा की तैयारी का है। कॉलेजों से मिड टर्म परीक्षा की सूचना मांगी जाएगी।