शादी का रजिस्ट्रेशन अब दस मिनट में दस रुपये खर्च करके किया जा सकेगा। मगर शादी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए पति-पत्नी को रजिस्ट्रार कार्यालय अवश्य जाना होगा। पति-पत्नी की पहचान के लिए आधार कार्ड और पासपोर्ट को आधार बनाया गया है। मंगलवार से जिले के पांचों तहसीलों के रजिस्ट्रार कार्यालयों में हिंदू और मुस्लिम एक ही स्थान पर शादी का रजिस्ट्रेश कराएंगे।
बेल्हा के लोगों के लिए खुशखबरी है। केंद्र सरकार की ओर से शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने के बाद मंगलवार से शादी रजिस्ट्रेशन की वेबसाइट खुल जाएगी। वेबसाइट पर हिंदू, मुस्लिम के साथ ही अन्य जातियों के लोग भी शादी का पंजीकरण करा सकेंगे। रजिस्ट्रेशन कराने में लापरवाही करने वाले दम्पत्ति को खामियाजा भी भुगतना पड़ेगा। शादी के एक वर्ष में रजिस्ट्रेशन कराने पर दस रुपये शुल्क लगेगा, जबकि दूसरे वर्ष यह राशि बढ़कर 50 रुपये तीसरे वर्ष 100 चौथे वर्ष 150 और पांचवे वर्ष 200 रुपये हो जाएगी। यह राशि इसी क्रम में प्रकार बढ़ती जाएगी। विवाह पंजीकरण का शुल्क ऑललाइन ही जमा होगा। पत्नी-पत्नी ऑनलाइन भी शादी का रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे, मगर प्रमाणपत्र लेने के लिए दोनों लोगों को रजिस्ट्रार कार्यालय आना ही होगा। सदर रजिस्ट्रार यादवेंद्र द्यिवेदी ने बताया कि मंगलवार से शादी पंजीकरण की वेबसाइट खुल जाएगी। कोई भी दम्पत्ति दस रुपये शुल्क जमा करके रजिस्ट्रेशन करा सकता है। एआईजी स्टांप अविनाश पांडेय ने बताया कि आम लोगों को शादी का रजिस्ट्रेशन कराने में किसी दिक्कत का सामना न करना पड़े, इसके सभी रजिस्ट्रार कार्यालयों में अलग से काउंटर खोला जा रहा है।