उत्तरी व पूर्वी हवाओं के गठजोड़ की वजह से बुधवार को जिला हाड़ कंपाने वाली ठंड की चपेट में रहा। गलन व ठिठुरन के कारण घर से सड़क तक लोग कांपते रहे। घरों में ज्यादातर लोग रजाई में सिकुड़े रहे। गर्म कपड़ोें की गठरी बन कर लोग घरों से बाहर निकले फिर भी ठंड के मारे वे हिलते नजर आए। सार्वजनिक स्थलों रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डा, जिला व महिला अस्पताल में सरकारी अलाव कहीं नहीं जला। सुबह का तापमान गिरने से गलन काफी तेज रही।
बुधवार को सुबह का तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसमविद अवध नारायण द्विवेदी ने बताया कि दोपहर में बादल और हल्की धूप होने से तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस रहा। बर्फीली हवाओं के कारण धूप बेअसर रही और गलन भी ज्यादा थी। सुबह के वक्त तापमान गिरने से बढ़ी ठंड ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी। देर से बिस्तर छोड़ने का असर लोगों के काम धंधे पर भी खूब पड़ा। शहर से गांव तक की ज्यादातर दुकानें देर से खुलीं। वातावरण में सुबह के समय 91 प्रतिशत व दोपहर में 80 प्रतिशत नमी रिकार्ड की गई। मौसम और हवा का रुख देखते हुए मौसमविदों का अनुमान है कि गुरुवार को गलन और बढ़ेगी। कोहरा पड़ने की भी संभावना जताई गई है। रात आठ बजे से ही कोहरे का प्रकोप शुरू हो गया। कोहरे और गलन को देखते हुए देर रात तक व्यस्त रहने वाली सड़कों व बाजारों में जल्दी ही सन्नाटा पसर गया।