खराब मौसम के तेवर में शनिवार को भी सुधार नहीं हुआ। रविवार को भी इसकी गुंजाइश नहीं दिख रही है। पूरे दिन आसमान से धरती तक कोहरे का असर बना रहा। बादलों की मोटी परत सूर्यदेव को ढंके रही। दो बार उन्होंने बाहर निकलने की कोशिश की लेकिन बादलों और कोहरे पर उनका जोर नहीं चला। ढुरकती हवा का टानिक पीकर ठंड लोगों को ताकत का अहसास कराती रही। दिन भर लोग ठंड से कांपते रहे। घर से बाजार तक धधकते अलाव के सामने बैठ लोग जाड़े से राहत की उम्मीद लगाए रहे। रविवार को हवा की चाल में बदलाव न हुआ तो कोहरे के साथ ठंड और बढ़ेगी।
दबे पांव लौटी ठंड चार दिन से लोगों को डरा रही है।
हर कोई ठंड के से कांपता नजर आ रहा है। शनिवार को दो बार सूर्यदेव ने बाहर निकलने की कोशिश की लेकिन बादलों और कोहरे के आगे उनका कोई जोर नहीं चला। लाचार होकर फिर दुबक गए। आसमान में बादलों की मोटी चादर फैली रही। बादलों के साथ कोहरा भी पूरी तरह बना रहा। हल्के कोहरे व बादलों की वजह से मौसम काफी ठंडा रहा। वातावरण में सुबह 100 और दोपहर के वक्त 81 प्रतिशत नमी रही। तापमान भी काफी ठंडा रहा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक न्यूनतम 7.0 और अधिकतम तापमान 13.1 डिग्री सेल्सियस रहा। पश्चिमी व उत्तरी हवाओं के गठजोड़ से पूरा जिला कांपता रहा। ठंड के मारे लोग गर्म कपड़ों से लदे रहे। कपड़ों के अंदर भी ठंड बदन को काटने दौड़ती रही। अलाव तापते लोगों का मन आग छोड़ कर जाने को तनिक भी नहीं कर रहा था। ठंड लगने की वजह से सदर तहसील के बराछा निवासी निशा (8) पुत्री राजीव, अंतू की राजकुमारी (45), ईशीपुर निवासी श्यामलाल (53), पूरेभइया निवासी सुमन (70), बिहारगंज निवासी राजेश (16), बारीकला निवासी राहुल (10), संडवा निवासी नीतांक्ष (2) पुत्र बृजेश, मोहनगंज निवासी अभिषेक (23), दहिलामऊ निवासी आशिक अली (29) बीमारी की चपेट में हैं। जिला अस्पताल में भर्ती इन सभी मरीजों का इलाज चल रहा है। देर शाम डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हालत में काफी सुधार है।