बर्फीली हवाओं के चलते गलन बढ़ गई है। कड़ाके की ठंड के चलते आम जनमानस परेशान है। कांपते लोगों के मुंह से बस यही निकल रहा है, उफ! येे...ठंड, कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। ठंडी हवाओं के सामने सूर्यदेव भी बेबस नजर आए। सोमवार को तापमान न्यूनतम 6 व अधिकतम 14.2 डिग्री रहा।
दोपहर में धूप निकली तो लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली। छतों पर व बाहर धूप सेंकने के लिए खुशी-खुशी निकलने लगे। धूप लेने की खुशी उनके चेहरों पर अधिक देर तक नहीं। सूर्यदेव दर्शन देने के तुरंत बाद ही छिप गए। उसके बाद दोबारा नजर नहीं आए। कड़ाके की ठंड ने हिलाकर रख दिया है।
सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की समुचित व्यवस्था न होेने से राहगीरों को काफी दिक्कतें आईं। रोडवेज बस अड्डा, रेलवे स्टेशन रोड, अस्पताल में लोग ठंड के मारे कांपते नजर आए। गलन कमरों के अंदर तक अपना असर दिखा रही है। ठंड से बचने के लिए लोग रूम हीटर व कोयले की अंगीठी का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन गलन के आगे उनका भी प्रभाव बेअसर है। बिस्तर पर लेटिए तो लगता है जैसे पानी में भिगोया गया हो। इस गलन में सबसे अधिक दिक्कत बुजुर्ग व बच्चों को आ रही है।