पश्चिम की ओर से आ रही ठंडी हवा के कारण सोमवार को भी बेइंतिहा गलन रही। ठंडी का आलम यह था कि सुबह लोग बिस्तर नहीं छोड़ पा रहे थे। ठंड की चपेट में आए तमाम लोग इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। सुबह से हाड़ कंपा रही ठंड ने पल भर को भी लोगों का पीछा नहीं छोड़ा। दोपहर में धूप दिखी तो लोग छतों की भागे, लेकिन 20 मिनट के भीतर आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया। बादलों की आमद के साथ ही गलन बढ़ने लगी और शाम के समय यह असहनीय हो गई। कंधई और घुइसरनाथ बाजार में दो लोगों की ठंड से मौत हो गई, वहीं शहर में रोडवेज बस अड्डे पर 48 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति की शीतलहर से जान चली गई। मंगलवार को भी कोहरे के साथ गलन बरकरार रहने का अनुमान है।
फिलहाल गलन लोगों का पीछा नहीं छोड़ रही है। कई दिन से पूरा जिला शीतलहर की चपेट में है। हाड़ कंपाने वाली ठंड से लोग परेशान हो चुके हैं। रविवार रात मौसम काफी ठंडा रहा। रात में घना कोहरा और गलन भी ज्यादा रही। सोमवार सुबह इसका असर साफ दिखाई दिया। गलन व ठंडी से कांपते लोग देर तक रजाई से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। देर से बिस्तर छोड़ने वालों की दिनचर्या भी गड़बड़ा गई। दोपहर के समय कुछ देर के लिए हल्की धूप हुई। धूप देख ललचाए लोग छतों पर पहुंचे कि करीब 20 मिनट बाद आसमान में बादलों ने कब्जा जमा लिया। करीब सात किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली पछुआ कई परत गर्म कपड़ों के अंदर शरीर को कंपाती रही। मौसमविद देशराज मीना के मुताबिक सुबह का न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहर के समय 13.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकार्ड किया गया। वातावरण में नमी घटने का नाम नहीं ले रही है। सुबह के वातावरण में 100 और दोपहर में 73 प्रतिशत नमी रही। हड्डियों को कंपाने वाली ठंड के चलते कंधई क्षेत्र के मनइतापुर गांव निवासी लालता प्रसाद पांडेय (65) और घुइसरनाथधाम बाजार निवासी रामलखन (58) की मौत हो गई। शहर में रोडवेज बस अड्डे पर 48 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति की ठंड से मौत हो गई। काफी प्रयास के बाद भी उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। मौसमविदों के मुताबिक मंगलवार को हवा और तेज होने व आसमान में बादलों के साथ गलन बढ़ने की भी संभावना है। हवा के रुख व गति में सुधार न हुआ तो यह स्थिति दे-तीन दिन तक रहेगी। सोमवार को ठंड लगने से बीमार हुए 115 लोग इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे।