सोमवार की रात से मंगलवार की सुबह तक जिले के 281 लोगों की सेहत को ठंड की नजर लग गई। ठंड लगने से वे बीमार हो गए। इलाज के लिए सभी जिला अस्पताल पहुंचे। उपचार बाद डॉक्टरों ने उन्हें सावधान करते हुए घर भेज दिया। बेरहम ठंड को बच्चों पर भी दया नहीं आ रही। ठंड की चपेट में आए 143 बच्चों का इलाज एक दिन में हुआ।
भाग-दौड़ भरी जिंदगी में लोगों को सताने का ठंड को भरपूर मौंका मिल रहा। काम धंधे की व्यस्तता के बीच लोग खुद का क्या बच्चों का भी ठीक से ध्यान नहीं दे पा रहे। कुछ ऐसे भी हैं जो स्टाइलिश दिखने की चाह में लापरवाही से बाज नहीं आ रहे। सोमवार की रात से मंगलवार की सुबह तक जिले के 281 लोग ठंड की चपेट में आए। इनमें सबसे ज्यादा कोल्ड डायरिया, सीने में जकड़न व दर्द, तेज बुखार, गला जाम होने जैसी बीमारियां आम हैं। डॉक्टरों ने उन रोगियों का इलाज कर ठंड से बचने की सलाह देते हुए घर भेज दिया। इतना ही नहीं 143 स्वस्थ बच्चे भी ठंड की वजह से बीमार पड़ गए। बाल रोग विशेषज्ञ अनिल गुप्ता ने उन बच्चों का इलाज किया। साथ ही पाल्यों को हिदायत भी दी कि वे बच्चों को ठंड से बचा कर रखें। मंगलवार को 3015 पुराने रोगी भी ठंड से समस्या बढ़ने के कारण इलाज को चिकित्सकों के पास पहुंचे। इनमें बीमार चल रहे 80 पुराने बच्चे भी शामिल हैं।