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कुंडा में पानी ही पानी

Thu, 13 Jul 2017 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ - फोटो : pratapgarah
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लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के तेवर बुधवार को कुछ नरम जरूर पड़े, लेकिन कुंडा इलाके के लोगों की मुसीबत और बढ़ गई है। दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में हैं। आधा दर्जन सड़कें बह गई हैं। संपर्क मार्गों के कई पुल धंस गए हैं। पचास से अधिक घर जमीदोंज हो गए हैं। बछंदामऊ में लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग पर पानी भरा होने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि जिला प्रशासन इसे बाढ़ की स्थिति नहीं मान रहा है, बल्कि जलजमाव होने की बात कह रहा है। फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से राहत की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। हालांकि बुधवार को बारिश थमने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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आलम यह है कि जिस तरफ देखिए पानी ही पानी नजर आ रहा है। ग्रामीण इलाकों के साथ ही कुंडा कस्बे में भी पानी भरा हुआ है। इससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। कुंडा-बेती मार्ग पर मउली गांव के पास सड़क बह गई है। बेंती से मउली होते हुए बेल्हा गांव के पास लगभग दो मीटर सड़क करेंटी मार्ग पर करीमनगर के पास, इलाहाबाद-लखनऊ राजमार्ग से बरई गांव के पास सड़क बह गई है। इलाहाबाद-लखनऊ राजमार्ग पर बछंदामऊ में हाईवे के ऊपर से पानी बह रहा है। जबकि बेती से कुंडा मार्ग पर दुअर नाले पर बने पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। मउली से गोल्हा मार्ग पर दुअर नाले पर बने पुल के ऊपर, हाईवे से बरई मार्ग पर दुअर नाले पर पूरे गुलामचिस्ती के पास बने पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। अभी तक लगभग तीन दर्जन परिवार बेघर हो गए हैं। एडीएम सोमदत्त मौर्य ने बताया कि कुंडा में बाढ़ नहीं आई है, बल्कि नदियों के उफान पर होने के कारण जलजमाव हुआ है। उन्होंने बताया कि मंगलवार की अपेक्षा बुधवार को पानी घटना प्रारंभ हो गया है।

मंगरौरा स्थित मदाफरपुर बाजार में बरसात से मोतीलाल जायसवाल का मकान भरभराकर गिर पड़ा। इससे गृहस्थी का सारा सामान दबकर नष्ट हो गया। हालांकि कोई जन हानि नहीं हुई है।  वहीं विश्वनाथगंज से दयालपुर रोड पर सकरनी नदी पर बना पुल बुधवार को अचानक धस गया। पुल के पास बनी सड़क भी बह गई। इलाहाबाद-फैजाबाद हाईवे पर बुधवार को दोपहर हाईवे पर विशालकाय शीशम का पेड़ गिर पड़ा। पेड़ इतना बड़ा था कि आने-जाने का रास्ता नहीं था। इससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीणों की पहल पर घंटे भर बाद पेड़ को काटकर अलग करने पर यातायात बहाल हुआ। हालांकि यातायात सामान्य होने में भी घंटे भर का समय लग गया।
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