ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन योजना को जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल करने का फैसला लिया है। इस योजना के तहत प्रत्येक घर में नल लगाकर साफ पानी की आपूर्ति करना है। चालू वित्तीय वर्ष में ही इस योजना का शुभारंभ करने के लिए अफसर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
जिले का जलस्तर लगातार नीचे खिसकने और ग्रामीण इलाकों में हैंडपंपों के खड़े हो जाने से ग्रामीण इलाकों में पेयजल का संकट गहरा गया है। वर्तमान में ग्रामीण इलाकों में पेयजल के साधन के रूप में समर्सिबल है। जिससे लगभग 160-200 फीट गहराई से पीने का पानी आ रहा है। आने वाले दिनों में पेयजल की समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने जिले में जल जीवन मिशन योजना को पायलट प्रोजेक्ट में शामिल करने का फैसला लिया है।
केंद्र सरकार के इस फैसले से चालू वित्तीय वर्ष में ही योजना का मूर्त स्वरूप देना है। इस योजना का ध्येय प्रत्येक घरों में अपना नल स्थापित करना है। इसीलिए इस योजना की पहचान हर घर, नल से जल रखा गया है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो इस योजना के तहत गांव-गांव में पेयजल समूह इकाईयां स्थापित होंगी और पाइप से प्रत्येक घरों को पानी की आपूर्ति की जाएगी।
जिले में पेयजल समूह की कितनी इकाईयां स्थापित करनी है, और एक इकाई की स्थापना में कितना खर्च आएगा, केंद्र सरकार ने इसका प्राक्कलन तैयार करके मांगा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जिले में प्रयोग के तौर पर यह योजना लागू हो रही है, अगर योजना सफल हुई, तो अन्य जनपदों में प्रभावी योजना के तौर पर लागू होगी।
प्रत्येक घरों तक नल से जल मुहैया कराने के लिए जल जीवन मिशन योजना प्रारंभ होने वाली है। इस योजना के तहत गांव के सभी घरों में पानी का कनेक्शन दिया जाएगा। इससे प्रत्येक व्यक्ति को साफ जल मुहैया कराने का ध्येय हासिल होगा।
सुदामा प्रसाद, जिला विकास अधिकारी