शिकायत पर पुलिस ने पार्टनर समेत दो के खिलाफ हत्या का नामजद मामला दर्ज किया है। घटना के बाद से आरोपी गांव छोड़कर फरार हो गए है। परिजनों व ग्रामीणों के आक्रोश के बीच तीसरे दिन शव का अंतिम संस्कार किया गया। आरोपियों को दबोचने में नाकाम पुलिस तीन दिन बाद भी हवा में हाथ पैर चला रही है।
महेशगंज थाना क्षेत्र के पूरे भिखारी गांव का रहने वाला त्रिलोकीनाथ गुप्ता पुत्र जगेसर प्रसाद पूरे जनई ग्राम पंचायत का पूर्व प्रधान था। दीपावली के दिन पटाखा खरीदकर घर जाते समय लालगंज कोतवाली क्षेत्र के जसमेढ़ा गांव के समीप बाइक सवार बदमाशों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाशों ने पहले चलती बाइक पर ही पीछे बैठे पूर्व प्रधान त्रिलोकीनाथ को गोली मारी और जब वह घायल होकर सड़क पर गिरा तो उसे गोलियों से छलनी कर दिया। घटना के बाद भाई त्रिभुवन नाथ गुप्ता की तहरीर पर गांव के ही गिरधारी लाल गुप्ता पुत्र विंदेश्वरी व आशाराम पुत्र नन्हेलाल गुप्ता के खिलाफ लालगंज कोतवाली में हत्या का मामला दर्ज किया गया। बताया जाता है कि मृतक त्रिलोकी नाथ गुप्ता व गिरधारी लाल गुप्ता मिलकर मुंबई में कारोबार चलाते थे। यहां दोनों ने कई सदस्यों को जोड़कर सोसाइटी खोल ली और जान पहचान के लोगों के कई लाख रुपये जमा करा लिए। सोसाइटी में जमा रकम जरूरतमंद सदस्य को दी जाती थी और फिर वह इसे जमा कर देता था। इस लेनदेन का सारा हिसाब त्रिलोकी नाथ व गिरधारी लाल रखते थे। बताया जाता है कि करीब पांच साल पहले त्रिलोकी नाथ सोसाइटी का लाखों रुपये लेकर गांव चला आया। इसके बाद वह प्रधान बन गया और फिर वापस मुंबई नहीं गया। उधर सोसाइटी के सदस्य अपना रुपया मांगने को दबाव बनाने लगे तो गिरधारी ने उससे रकम मांगी। इसके लेकर ही दोनों के बीच रंजिश ठन गई। परिजनों के मुताबिक गिरधारी लाल मुंबई से जब गांव आता था तो त्रिलोकी से रुपये मांगता था। साथ ही नहीं मिलने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी देता। मुंबई से भी कई बार फोन कर त्रिलोकी से रुपयों की की मांग की गई। मृतक के भाई त्रिभुवन का कहना है कि दीपावली मनाने गांव आए गिरधारी ने घटना से कुछ घंटे पहले भी त्रिलोकी के घर पहुंचकर रुपये मांगे थे। उधर घटना के तीसरे दिन शनिवार को मुंबई से परिजनों व रिश्तेदारों के पहुंचने पर गांव में ही पूर्व प्रधान के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
तीन बेटे व दो बेटियों के सिर से उठ गया पिता का साया
पूर्व प्रधान त्रिलोकी नाथ गुप्ता के तीन पुत्र व दो पुत्रियां हैं। सबसे बड़ा बेटा विनोद गुप्ता(23) रोजगार की तलाश में मुंबई में रहता है । दूसरे बेटा अंकित(15) अभी पढ़ाई ही कर रहा है। तीसरा बेटा प्रिंस(4) है। वहीं बड़ी बेटी बबिता(13) व छोटी बेटी स्वाती(11) भी पढ़ाई कर रही हैं। पांचों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। उधर पत्नी सीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
शव रखकर लगाया जाम पुलिस के खिलाफ नारेबाजी
पूर्व प्रधान के शव का पोस्ट मार्टम होने के बाद शव घर लाए जाने समय रास्ते में शव रखकर ग्रामीणों ने जाम लगाया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। गांव में महिलाएं भी मुखर होकर पुलिस प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप मढ़ा।
बतादें कि पूरे जनई के पूर्व प्रधान त्रिलोकी नाथ की हत्या के बाद परिजनों ने लालगंज पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस को मौके पर पहुंचने में काफी देर लग गई। इससे आक्रोशित परिजन शव लेकर घर चले गए थे। दीपावली के दिन हुई घटना के बाद पुलिस शव लेने गांव पहुंची तो ग्रामीण भड़क उठे। पुलिस को जमकर खरीखोटी सुनाई और शव देने से इंकार कर दिया। बाद में इलाकाई विधायक आराधना मिश्रा मोना के प्रयास से किसी तरह पुलिस शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज सकी। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को पूर्वाह्न पूर्व प्रधान का शव घर लाया जा रहा था। लेकिन रास्ते में हलई के पुरवा के पास ही ग्रामीणों से ने एंबुलेंस रोक ली और शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। यह देख पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीणों ने उल्टे पुलिस पर ही लापरवाही का आरोप मढ़ दिया। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस सूचना के बाद तत्काल मौके पर पहुंच गई होती तो हत्यारे भाग निकलने में कामयाब नहीं हो पाते। बाद में स्थानीय लोगों ने बीच बचाव कर जाम हटवाया तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।