विरोध प्रदर्शन करने के साथ ही उन्होंने सड़क और बीएसए कार्यालय पहुंचकर झाडू लगाई और ज्ञापन सौंपा। ‘योगी नौकरी दो या फांसी दो’ के नारे लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों ने एलान किया कि जब तक उन्हें सहायक अध्यापक नहीं बनाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद मांगों पर विचार नहीं होने पर शिक्षामित्रों ने गुरुवार को सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। शिक्षामित्रों का नेतृत्व कर रही आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष रीना सिंह ने कहा कि सीएम योगी ने शिक्षामित्रों के साथ धोखा किया है। उन्होंने 15 दिन का समय लेकर शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाने का वादा किया था। लेकिन जो नीति लागू की गई है, उससे शिक्षामित्रों का कोई हित होने वाला नहीं है। सरकार शिक्षामित्रों का अहित करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाए जाने तक आन्दोलन जारी रहेगा। इससे पहले जिले भर के शिक्षामित्र गुरुवार को कचहरी परिसर में एकत्रित हुए। दोपहर करीब एक बजे जुुलूस के शक्ल में निकले शिक्षामित्रों ने पुलिस लाइन चौराहा, अंबेडकर चौराहा और मीराभवन चौराहे पर प्रदर्शन करने के बाद बीएसए कार्यालय पहुंचकर झाडू लगाई। इधर शिक्षामित्रों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस भी अलर्ट रही। इस मौके पर जिलामंत्री रामकृष्ण विश्वकर्मा, राजकुमार शुक्ल, शशिकांत, सुरेश चौधरी, सरला सिंह, आदित्य, राजेश मिश्र, नारेंद्र सिंह, विवेक सिंह, कमलेंद्र सिंह, संतोष यादव, दिग्विजय सिंह, प्रदीप शुक्ला, आशा पांडेय, देवेंद्र पुष्पाकर आदि मौजूद रहे।