शासन से अनुसूचित जाति का दर्जा मिलने के बाद भी तहसीलों से प्रमाण पत्र न जारी होने से नाराज धनगर समाज के लोगों ने रविवार को रेलट्रैक जाम कर दिया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोग करीब आधे घंटे तक पटरियों पर लाल झंडे लेकर बैठे रहे। सूचना मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी के साथ एसडीएम और सीओ सिटी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। रेलपटरी से हटने को लेकर लोगों की सीओ से नोकझोंक हो गई। बाद में किसी तरह एडीएम के समझाने पर लोग माने और पटरी से हटने के लिए तैयार हुए। हालांकि इस दौरान कोई ट्रेन प्रभावित नहीं हुई।
शासन ने धनगर समाज के लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा दे दिया है, मगर जिला प्रशासन की ओर से उन्हें प्रमाणपत्र नहीं जारी किया जा रहा है। इसके विरोध में धनगर समाज के लोगों ने नया माल गोदाम स्थित पाल भवन में रविवार को प्रांतीय धनगर महासभा के जिलाध्यक्ष शिव कुमार धनगर की अध्यक्षता में एकजुट होकर बैठक की। इस दौरान रेल रोककर विरोध-प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई। सूचना मिलते ही एसडीएम सदर पंकज वर्मा व सीओ सिटी रामआशीष यादव पाल भवन पहुंच गए। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि 18 सितंबर को सभी तहसीलों के एसडीएम को बुलाया जाएगा। इसके बाद प्रमाण पत्र को लेकर चर्चा की जाएगी। इस पर जिलाध्यक्ष तैयार हो गए, लेकिन एसडीएम और सीओ के जाते ही समाज के कुछ पदाधिकारियों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। इसके बाद लोग नया मालगोदाम स्थित रेलवे क्रासिंग पर पहुंच गए। धनगर समाज के सैकड़ों महिला और पुरुष रेलवे लाइन पर लाल झंडा लेकर बैठ गए। खबर मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी के साथ शहर कोतवाल मय फोर्स मौके पर पहुंचे। पुलिस के काफी समझाने के बाद भी लोग पटरी से हटने के लिए तैयार नहीं हुए। इस बीच सीओ सिटी और एसडीएम भी वहां पहुंच गए। अफसरों को देखकर समाज के लोग अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करने की मांग करने लगे। करीब आधे घंटे तक लोग पटरी पर बैठे रहे। इस दौरान कुछ पदाधिकारियों की सीओ से नोकझोंक हो गई। आधे घंटे बाद एडीएम सोमदत्त मौर्य पहुंचे और धनगर समाज के पदाधिकारियों को समझाकर ज्ञापन लिया। तब जाकर लोग पटरी से हटने के लिए तैयार हुए।