मानिकपुर गंगा घाट पर अंतिम सलामी देते सेना के जवान।
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आगरा में सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सैन्य वाहन के साथ एंबुलेंस में शहीद का पार्थिव शरीर रविवार की सुबह आठ बजे पैतृक गांव पहुंचा। साथ आए वायु सेवा के जवानों ने एंबुलेंस से शहीद के पार्थिव शरीर को बाहर निकाला तो चीख पुकार मच गई। आगरा से साथ आईं पत्नी प्रीति, दोनों बेटे यश व कुश और भाई श्याम कुमार समेत बूढ़े पिता रमाशंकर व माता उर्मिला देवी दहाड़े मारकर रोने लगे।
करीब तीन घंटे बाद शहीद का पार्थिव शरीर फूलों से सजे वाहन पर रखा गया। करीब साढ़े बारह बजे पार्थिव शरीर मानिकपुर पहुंचा। यहां एयरफोर्स के फ्लाइट लेफ्टीनेंट आर्यन कैनटूरा की अगुवाई में जवानों ने शहीद रामकुमार को सशस्त्र सलामी दी। घाट पर सैन्य वाहन से एयरफोर्स के जवानों ने चिता स्थल तक बलिदानी साथी को कंधा दिया।
करीब सवा एक बजे शहीद के पिता रमाशंकर तिवारी ने बेटे को कांपते हाथों से मुखाग्नि दी तो लोगों की आंखें नम हो गईं। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख अमित प्रताप सिंह पंकज, भाजपा नेता नागेश प्रताप सिंह छोटे सरकार, प्रधान रामगुलाम सरोज, राजेश मिश्र, संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संदीप सिंह आदि मौजूद रहे।