विधान सभा चुनावों में सरंहगई व बूथ पर वोटिंग को प्रभावित करने वाले तहसील क्षेत्र के करीब पचास आरोपियों पर पुलिस ने गुंडाएक्ट की कार्रवाई की थी। गुंडा एक्ट मेें निरुद्ध तीस आरोपियों के जमानत नहीं करवाने पर एसडीएम न्यायालय से वारंट जारी हुआ है। एसडीएम ने पुलिस को गिरफ्तार करने आरोपियों को कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है।
आगामी 23 फरवारी को विधानसभा चुनाव के दौरान गड़बड़ी करने व मतदान के दिन बूथ पर सरहंगई करने वाले करीब पचास लोगों को चिह्नित कर पुलिस ने उनके खिलाफ गुंडा एक्ट में निरुद्ध किया था। इसके तहत निरुद्ध किए गए कुछ आरोपियों ने जमानत तो करा ली, लेकिन लालगंज कोतवाली क्षेत्र के दस, उदयपुर के सात, सांगीपुर के पांच व जेठवारा थाना क्षेत्र के आठ आरोपियों ने गुंडा एक्ट में निरुद्ध होने के बाद भी न्यायालय से जमानत नहीं कराई। जबकि आरोपियों की सूची सभी थानों से एसडीएम न्यायालय पहुंच गई। जिन तीस आरोपियों ने जमानत नहीं कराई थी उनके खिलाफ एसडीएम ने वारंट जारी कर दिया गया।
संबंधित थानों को एसडीएम न्यायालय से नोटिस भेजी गई है जिसमें जमानत नहीं कराने वाले गुंडा एक्ट में निरुद्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है। इसकी जानकारी होने पर गुंडा एक्ट में निरुद्ध हुए आरोपियों के बीच हड़कंप मचा है। सीओ वीआर प्रेमी ने बताया कि जमानत नहीं कराने वाले आरोपियों की सूची मंगाई गई है। गुंडा एक्ट में निरुद्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में शीघ्र पेश किया जाएगा।