देर से शुरू हो सकता है मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अभियान
पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची का पुनरीक्षण मार्च माह से शुरू होना है, लेकिन अब तक न्याय पंचायत स्तर पर पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त नहीं हो सके है। इससे जिले में पुनरीक्षण अभियान में देरी होना तय है। वहीं, चुनाव आयोग के बीएलओ व पर्यवेक्षण अधिकारियों का ब्योरा मांगे जाने से विभागीय हलचल भी तेज हो गई है।
रिक्त पदों पर उपचुनाव संपन्न होने के बाद नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव कराने की कवायद शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मार्च माह से मतदाता सूची का पुनरीक्षण अभियान प्रारंभ होगा। इसके लिए सभी 17 विकासखंड, खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से शिक्षकों, शिक्षामित्र, अनुदेशक व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बीएलओ ड्यूटी की सूची मांगी गई है। सबसे अधिक दिक्कत न्याय पंचायतवार पर्यवेक्षण अधिकारी तैनात करने में आ रही है। विकास व शिक्षा विभाग के कर्मचारी मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान का पर्यवेक्षण करने से हाथ खड़े कर रहे हैं। ऐसे में पर्यवेक्षण अधिकारी के नामों की सूची नगरीय निकाय पंचायत चुनाव कार्यालय नहीं भेजी जा पा रही है।
इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को फिर से पत्र भेजा गया है। अभियान के लिए पर्यवेक्षण अधिकारियों के नाम की सूची न मिलने से डोर टू डोर मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम समय से प्रारंभ होते नहीं दिख रहा है। सहायक निर्वाचन अधिकारी एसके बर्नवाल ने बताया कि विभागों से बीएलओ व पर्यवेक्षण अधिकारी की सूची मांगी गई है, ताकि समय से राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी जा सके। मार्च माह में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान प्रारंभ होने की तैयारी है।