निकाय चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। नगर पालिका व नगर पंचायतों के मतदाताओं की कुंडली तैयार करने के लिए बीएलओ को सभी घरों में दस्तक देने का निर्देश जारी हुआ है। बीएलओ मुखिया से लेकर अधिकांश लोगों के आधार कार्ड का नंबर भी लेंगे। ऐसे में यदि गांव और शहर दो स्थानों पर उन लोगों का नाम मतदाता के रूप में दर्ज होगा तो उनका नाम सूची से हटाया जाएगा। इस बार नगरपालिका व नगर पंचायत के कर्मचारियों को मतदाता पुनरीक्षण कार्य से बाहर रखा गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनाव के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग के निर्देश पर नगर पालिका के कर्मचारियों को मतदाता पुनरीक्षण कार्य से अलग रखा गया है। आयोग ने साफ निर्देश दे रखा है कि जो भी बीलएओ मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य के लिए लगाए जाएंगे।
वे घर- घर जाकर मतदाता सूची तैयार करेंगे। यदि किसी व्यक्ति का नाम पंचायत व नगरीय निकाय दोनों मतदाता सूची में दर्ज है और वह सामान्य रूप से पंचायत क्षेत्र में निवास कर रहा है तो उसका नाम नगरीय विकास की मतदाता सूची से काट दिया जाएगा। घर -घर सर्वे करने के दौरान बीएलओ मतदाताओं की कुंडली तैयार करेंगे। मतदाताओं को अपना आधार नंबर व मोबाइल नंबर देना होगा। ताकि उसे भी फीड कराया जा सके। इस कार्य का औचक निरीक्षण भी संबंधित अधिकारी करेंगे। यदि लापरवाही सामने आई तो बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई तय है। जिससे आयोग मतदाताओं को समय- समय पर जरूरी जानकारी दे सके। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नगरीय निकाय एसपी बर्नवाल ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बीएलओ की सूची तैयार कराई जा रही है ताकि नगर पालिका व नगर पंचायतों में नए सिरे से मतदाता पुनरीक्षण का कार्य समय से पूरा किया जा सके। यदि कोई गांव में रहता है तो उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। गांव और शहर में दोनों जगह लोग वोटर नहीं बन सकेंगे।