नगर कोतवाली के एक गांव की प्रधान का बेटा पड़ोस की रहने वाली किशोरी को भगा ले गया। आरोप है कि उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। तीन दिन बाद परिजनों ने किशोरी को इलाहाबाद से खोज निकाला। घर पहुंचने पर किशोरी को आरोपी पक्ष ने आत्महत्या के लिए सल्फास की गोली भी पहुंचा दी। मामले में एसपी के आदेश पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है।
नगर कोतवाली के एक गांव की महिला प्रधान का बेटा सुनील कुमार पड़ोस की एक किशोरी को 11 अगस्त को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। तीन दिनों तक किशोरी के परिजन उसकी खोजबीन करते रहे। इस दौरान वह इलाहाबाद में मिली। लोकलाज के भय से किशोरी के परिजनों ने मुकदमा दर्ज नहीं कराया। किशोरी की मां का आरोप है कि उसकी बेटी के साथ आरोपी सुनील ने दुष्कर्म किया। कहीं शिकायत न करने को लेकर प्रधान, उसके पति व गांव के मान सिंह उसे बराबर धमकाते रहे। वह काम से बाहर चली गई तो मानसिंह उसके घर आए और सल्फास की डिब्बी व मोबाइल दिया। किशोरी को समझाया था कि यदि परिवार के लोग मुकदमा लिखाते हैं तो सल्फास की गोली खा लेना। वह खेत में काम करने के बाद लौटी तो बेटी के हाथ में सल्फास की गोली व मोबाइल देखा। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। एसपी के आदेश पर प्रधान छब्बी देवी, सुनील, भाईलाल व मानसिंह के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।