मेढ़ौली में शनिवार की शाम नाले में डूबे विकास का शव रविवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे करीब एक किमी दूर नाले की झाड़ियों में फंसा मिला। चाचा नन्हे विश्वकर्मा का शव शनिवार को ही मिल गया था। चाचा-भतीजे की एक साथ मौत इलाके में सन्नाटा पसर गया।
मेढ़ौली निवासी नन्हे विश्वकर्मा (45) मुंबई में फर्नीचर का कारोबार करते थे। इन दिनों वह गांव आए थे। शनिवार की शाम भतीजा विकास (22) गांव के नाले के पास बंधे पर बैठा हुआ था। अचानक पैर फिसलने से वह नाले में गिरने लगा तो चाचा नन्हे उसे बचाने दौड़े।
उन्होंने हाथ बढ़ाया तो विकास ने उसे थाम लिया लेकिन चाचा उसे ऊपर न खींच सके। संतुलन बिगड़ने से दोनों नाले में गिर गए। करीब आधे घंटे बाद नन्हे का शव नाले में उतराता मिला। वहीं, विकास की तलाश देर शाम तक जारी रही। अंधेरा होने पर रेस्क्यू रोक दिया गया।
रविवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे परिजन और ग्रामीण नाले आसपास खोज करने लगे तो घटनास्थल से करीब एक किमी दूर झाड़ियों के बीच शव मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जुटी रही लोगों की भीड़
घटना की सूचना पर सपा के जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी कार्यकर्ताओं के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। परिजनों का हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इस मौके पर शेर बहादुर यादव, कमलेश विश्वकर्मा, संजय यादव, उत्तम यादव मौजूद रहे। पूर्व ब्लॉक प्रमुख पूर्णांशु ओझा ने परिजनों से मुलाकात की।
आसिफ को आई चोट
नाले में डूबे चाचा-भतीजा को बचाने के लिए मेढ़ौली गांव के आसिफ भी रस्सी के सहारे नाले में कूद पड़े। पानी का बहाव तेज होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सके। नाले में गिरने से वह घायल हो गए। पुलिस ने उपचार के लिए सीएचसी भेजा।
वर्जन
पीड़ित परिजनों को शासन से मिलने वाली सहायता राशि प्रदान की जाएगी। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। - पवन सिंह, नायब तहसीलदार
मृतक नन्हे विश्वकर्मा। फाइल फोटो
मृतक नन्हे विश्वकर्मा। फाइल फोटो