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दशहरा: 20 फिट ऊंचा होगा विजय रथ

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रामलीला मैदान में दशहरा मेले की तैयारी में लगा झूला। - फोटो : PRATAPGARH
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दशहरा: 20 फिट ऊंचा होगा विजय रथ
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अत्याधुनिक तरीके से होगी सजावट, अदभुत दिखेगी झांकी
प्रतापगढ़। रावण के प्रतीकात्मक दहन के बाद रामलीला मैदान से शहर में भ्रमण करने वाला विजय रथ इस बार आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसकी ऊंचाई 20 फिट होगी। ताकि भगवान की अद्भुत झांकी का लोग सहजता के साथ दर्शन कर सकें। रथ को भी डिजिटल तरीके से सजाया जाएगा। मेला परिसर में अव्यवस्था न हो इसके मद्देनजर चार मंच भी बनाए जाएंगे। दशहरा मेले की तैयारी को लेकर श्रीरामलीला समिति के पदाधिकारी जुटे हुए है। शहर के ऐतिहासिक दशहरा मेला व भरत मिलाप के कार्यक्रम को अब गिनती भर के दिन शेष रह गए है।
ऐतिहासिक दशहरा व भरत मिलाप को लेकर श्रीरामलीला समिति द्वारा हर साल कुछ न कुछ नया प्रयोग किया जाता है। इस बार भी श्रीराम लीला समिति द्वारा झांकी मंचन में भी नए तकनीक इस्तेमाल प्रयोग हो रहा है। मसलन झांकी मंचन में हाइड्रोलिक विधि व फूलों की बारिश के लिए आटो प्रेशर मशीन का सहारा लिया जा रहा है। दशहरा मेले के दिन अधर्मी रावण के पुतले को प्रतीकात्मक रूप से जलाने के बाद विजय रथ निकलेगा। विजय रथ जमीन से 20 फिट ऊंचा रहेगा। रविवार व सोमवार दो दिन तक इसका कार्य चलेगा। रथ ऊंचा होने से भगवान के झांकी दर्शन में दिक्कत नहीं होगी। इसके अलावा रथ की डिजिटल सजावट होगी। शाम होते ही रथ पर सतरंगी लाइटें अपनी छठा बिखरने लगेगी। रामलीला मैदान मेें बारिश से जलजमाव को देखते हुए दो की जगह चार मंच बनाया जाएगा। ताकि भीड़ बढने पर किसी तरह की अव्यवस्था न हो सके। समिति के अध्यक्ष श्याम शंकर सिंह ने बताया कि मेला मैदान में अव्यवस्था न हो। इसके लिए तैयारी की जा रही है।
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मर्यादा पुरुषोत्तम के वन गमन पर मायूस हुए अयोध्यावासी
लालगंज (ब्यूरो)। स्थानीय विकास खंड के असैनापुर में आदर्श रामलीला समिति के तत्वाधान में रामलीला का मंचन किया गया। संस्थापक राजू मिश्रा व कमलेश मिश्र के संयोजन में हो रही रामलीला में शुक्रवार की रात राम बारात, वन गमन व भरत के प्रभु श्रीराम को मनाने का भावनात्मक मंचन कलाकारों ने किया। रामलीला के दौरान जब रामबारात निकली तो लोगों ने आरती उतार कर प्रभु श्रीराम समेत सभी का स्वागत व पुष्प वर्षा किया। विवाह के बाद मर्यादापुरुषोत्तम श्रीराम अयोध्या पहुंचे तो पूरा नगर हर्षोल्लास में डूब गया। पूरे उत्साह के साथ राज्याभिषेक की तैयारी चल रही थी, तभी माता कैकेयी ने राजा दशरथ को वचनों का स्मरण दिलाते हुए राम को चौदह वर्ष का वनवास की मांग कर दी। पिता दशरथ के वचन का पालन करने के लिए भगवान श्रीराम के साथ पत्नी सीता, अनुज लक्ष्मण भी वन का जाने लगे तो नगरवासी भी साथ चल दिए। यह देख प्रभु श्रीराम के तमसा नदी पर विश्राम के दौरान सभी के सो जाने पर वह वन गमन के लिए प्रस्थार कर गए। उनके वन जाने से अयोध्यावासी बहुत मायूस हुए। रामलीला मंचन के दौरान भरत द्वारा अपने भ्राता श्रीराम को मनाने का भावुक मंचन भी कलाकारों ने किया। कार्यक्रम के दौरान श्रीराम के रोल में राकेश वर्मा, लक्ष्मण के रोल में धर्मेंद्र वर्मा, हनुमानजी में दिलीप जायसवाल, सीता जी के रोल में रवि वर्मा, रावण में कप्तान वर्मा, भरत में बबलू तिवारी आदि कलाकारों ने रामलीला में लोगों को मन मोह लिया। इस मौके पर डायरेक्टर सुभाष विश्वकर्मा, अध्यक्ष छेदी वर्मा, कोटू मिश्रा, सुनील तिवारी, मदन वर्मा, सत्यम तिवारी, मंगल, रहाणे आदि मौजूद रहे।
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