उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम बृहस्पतिवार को सीएमओ कार्यालय पहुंची। टीम के आने की भनक लगते ही अफसरों के साथ कर्मचारियों का होश उड़ गए। टीम रिश्वत लेते गिरफ्तार स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी भावना भारती के कमरे में गई। अभिलेखों की जांच कर टीम लौट गई।
बीते शुक्रवार को मेडिकल क्लेम पास करने के नाम पर रिटायर्ड पुलिसकर्मी से 23 हजार रिश्वत लेते विजिलेंस ने स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उसे गोरखपुर जेल भेज दिया गया।
इस मामले की जांच के लिए बृहस्पतिवार दोपहर विजिलेंस टीम सीएमओ कार्यालय पहुंची। टीम को देखते ही लोग अलर्ट हो गए, आपस में चर्चा करने लगे कि आज फिर टीम किसी को अपने साथ लेकर जाएगी। टीम रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कोहड़ौर सीएचसी पर तैनात स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी भावना भारती के कमरे में पहुंची। टीम ने कमरे में दस्तावेजों की जांच की।
टीम के पहुंचने से सीएमओ कार्यालय के स्वास्थ्य कर्मियों में खलबली मची रही। भावना भारती पर रिटायर्ड पुलिस कर्मी ने मेडिकल क्लेम पास कराने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। चर्चा है कि टीम जिस कक्ष से स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था वहां पर बैठने वाली एक महिला कर्मी से भी कुछ पूछताछ की। हालांकि महिलाकर्मी अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। टीम करीब एक घंटे तक सीएमओ कार्यालय में मौजूद रही। टीम के आसपास कोतवाली पुलिस भी थी।
भावना भारती के बयान पर पूर्व सीएमओ से हो सकती है पूछताछ
घूस लेते रंगे हाथ पकड़ी गई प्रयागराज के गोविंदपुर की रहने वाली भावना भारती को विजिलेंस टीम ने रिमांड पर लेकर चार दिनों तक पूछताछ की। पूछताछ़ में उन्होंने कई राज उगले हैं।
बताया जा रहा है भावना का काम मेडिकल प्रतिपूर्ति बिल देखना नहीं, बल्कि क्षेत्र में जाकर लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक करना है। उनकी तैनाती कोहड़ौर सीएचसी में हुई थी। दो साल पहले पूर्व सीएमओ डाॅ. एके श्रीवास्तव ने उसे अपने कार्यालय से अटैच किया। उसे मेडिकल प्रतिपूर्ति बिल देखने की जिम्मेदारी सौंपी गई। चर्चा यह भी है कि इस मामले में पूर्व सीएमओ के साथ विभाग के कई अफसरों और कर्मचारियों से विजिलेंस की टीम पूछताछ करेगी।