विधानसभा चुनाव सकुशल संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देश पर शासन ने शस्त्र लाइसेंस धारकाें का भौतिक सत्यापन शुरू कराने का फरमान भेेजा है। एक से अधिक लाइसेंस रखने के कारणाें की जांच और दुरुपयोग की जानकारी समेत कई बिंदुओं की सूचना शासन को उपलब्ध कराना होगा। शिकायत पर लाइसेंस निरस्त भी किया जा सकता है। हर सप्ताह प्रगति की जानकारी की एसपी के माध्यम से सभी थानेदार शासन तक पहुंचाएंगे।
विधानसभा चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने तैयारी शुरू कर दी है। आयोग के निर्देश पर शस्त्र लाइसेंस धारकों के भौतिक सत्यापन के लिए शासन की ओर से डीजीपी का पत्र पुलिस अधीक्षक के माध्यम से जिले के सभी थानों तक पहुंच गया है। सत्यापन के लिए निर्वाचन आयोग ने कई बिंदुआें पर प्रमुखता से जानकारी मांगी है। ऐसे में यदि पुलिस सही जांच रिपोर्ट शासन को भेजती है जनपद के सैकड़ों शस्त्र लाइसेंस निरस्त हो सकते हैं। भौतिक सत्यापन के तहत पुलिस अलग-अलग थानों में शस्त्र धारकाें की संख्या और जिसके नाम लाइसेंस है वह वर्तमान में कहां रह रहा है, इसकी जांच होनी है। यदि किसी व्यक्ति ने एक से अधिक लाइसेंस बनवाकर शस्त्र रखा है तो उसकी आवश्यकता की भी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। शस्त्र धारकों की उम्र अधिक होने की भी जांच पुलिस को करने के लिए कहा गया है। सबसे ज्यादा मुसीबत तो उन लाइसेंस धारकों के लिए है जिन्होने बीते पंचायत चुनाव में शस्त्र का प्रयोग किसी अवांछित गतिविधियों में किया है।
साथ ही छह माह के भीतर कहीं भी वैवाहिक कार्यक्रमों व अन्य आयोजनों में किसी लाइसेंस धारक ने शस्त्र का दुरुपयोग किया होगा तो उनकी खैर नहीं होगी। उक्त सूचनाआें में कोई दोषी पाया गया तो निर्वाचन आयोग को सूचना देते हुए उनके लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे। शस्त्र लाइसेंस रखने वालों का भौतिक सत्यापन का कार्य लालगंज सर्किल के थानाें में शुरू भी कर दिया गया है। डीजीपी के पत्र में मिले निर्देश के तहत हर सप्ताह शस्त्र धारकाें के भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट जिले के सभी थानेदार एसपी को भेजेंगे। जिसे पुलिस अधीक्षक शासन तक पहुंचाएंगे और वहां से रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी।