इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित दो पैन कार्ड मामले में सपा नेता आजम खां व उनके बेटे एवं पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खां की दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा निलंबित करने और अंतरिम जमानत देने की मांग वाली अर्जियों पर सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश दिया।
आजम खां व अब्दुल्ला खां ने आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाएं दाखिल कर ट्रायल कोर्ट की ओर से कथित दो पैन कार्ड मामले में सुनाई गई सजा और दोषसिद्धि को चुनौती दी है। याचियों ने पुनरीक्षण याचिकाओं के अंतिम निस्तारण तक अंतरिम राहत देने की मांग की है। इसके तहत दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा निलंबित करने और अंतरिम जमानत दिए जाने का अनुरोध किया गया है।
इस मामले में याची की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पक्ष रखा है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एवं अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने दलीलें पेश कीं। अभियोजन के अनुसार मामले में अलग-अलग जन्मतिथियों का उल्लेख करने वाला दूसरा पैन कार्ड बनवाने और उसका इस्तेमाल करने का आरोप है। आरोपों में चुनावी नामांकन पत्रों में कथित तौर पर दूसरे पैन कार्ड का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है।
इससे पहले 14 अक्तूबर को हाईकोर्ट ने आजम खां और अब्दुल्ला के मामलों को डॉ. तंजीम फातिमा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य से संबंधित आपराधिक पुनरीक्षण याचिका से संबद्ध करने का निर्देश दिया था।