शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए छह वर्ष पहले भले ही वेंडिंग जोन बना दिया गया है, लेकिन वहां दुकानें नहीं सज सकीं। वेंडिंग जोन आज भी वीरान है। इसका एक कारण यह भी है कि वेंडिंग जोन तक पानी पहुंचा न बिजली।
अंधेरे में कारोबार को आबाद करने की कोरी कसरत की जा रही है। वहीं, फुटपाथ और पटरियों पर रेहड़ी दुकानदारों का कब्जा है। इस वजह से सड़कें संकरी हो गई हैं। इससे शहर में अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है।
शहर में सड़कों पर सजी दुकानों को व्यवस्थित करने के लिए नगर पालिका की ओर से करीब छह साल पहले सगरा, अंबेडकर चौराहे के ट्रांजिट हॉस्टल के पास व केपी कॉलेज के पास वेंडिंग जोन बनाया गया था। इन वेंडिंग जोनों में सड़कों पर सजी दुकानों को स्थानांतरित करने का मंसूबा था लेकिन व्यवस्था सुचारू न हो सकी। आलम ये है कि दुकानें अभी भी सड़कों के किनारे लग रही हैं।
फुटपाथ पर कब्जा है। ठेले वालों के बेतरतीब ठेला लगाने से शहर में जाम लग रहा है। कई बार नगर पालिका की टीम ने अतिक्रमण मुक्त अभियान तो चलाया लेकिन इसका असर नहीं दिखा। दो से तीन दिनों तक सड़कें साफ रहती हैं, इसके बाद फिर कब्जा हो जा रहा है।
वेंडिंग जोन में बिजली और पानी तक नहीं
शासन के नियम के अनुसार, चिह्नित वेंडिंग जोन में पक्की दुकानें व चबूतरे के साथ पेयजल की व्यवस्था, शौचालय, कचरा प्रबंधन, रोशनी होनी चाहिए। यहां बनाए गए तीनों वेंडिंग जोनों में अभी तक ये सुविधाएं नहीं हैं। इससे दुकानदार वेंडिंग जोन में दुकान लगाने से कतरा रहे हैं। शाम होते ही यहां अंधेरा छा जाता है।
वर्जन
0 वेंडिंग जोन ऐसे स्थानों पर बनाए गए हैं, जहां ग्राहक पहुंचते ही नहीं। इससे कमाई पर असर पड़ेगा। - जयकरन वर्मा
0 नई जगह पर बिक्री नहीं होती है। बिजली-पानी समेत जरूरी सुविधाओं का भी अभाव है। ऐसे में सड़क किनारे दुकान लगाने को मजबूर हैं।- पिंटू गुप्ता
वर्जन-
दुकानदारों को बार-बार चेतावनी दी जाती है। अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाता है। सड़क खाली कराने के लिए जल्द ही ठोस कार्रवाई की जाएगी। - राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी
चौक से कचहरी रोड पर मेडिकल कॉलेज के सामने सड़क पर लगी दुकानें। संवाद- फोटो : 1