वजीफा और शुल्क प्रतिपूर्ति अब उन्हीं छात्र-छात्राओं को मिलेगा, जिनके पास आधारकार्ड है। छात्रवृत्ति लेने क लिए आधारकार्ड को बैंक खाते से लिंक कराना होगा। जिनके पास आधारकार्ड नहीं है उन्हें वजीफे और शुल्क प्रतिपूर्ति से हाथ धोना पड़ सकता है। कॉलेजों और डिग्री, डिप्लोमा शिक्षण संस्थाओं में अब एक-एक नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे। प्रिंसिपल और नोडल अधिकारी के हस्ताक्षर से छात्र-छात्राओं का आवेदन सत्यापित किया जाएगा।
शासन ने चालू शिक्षासत्र में वजीफा और शुल्क प्रतिपूर्ति वितरण में काफी बदलाव कर दिया है। अभी तक गैर जिम्मेदारी का कार्य करने वाले प्रिंसिपलों पर भी नकेल लगाते हुए सभी कॉलेजों में एक-एक नोडल अधिकारी की तैनाती की जाएगी। प्रिंसिपल और नोडल अधिकारी का सिग्नेचर मास्टर डाटा में फीड होगा। प्रिंसिपल और नोडल अधिकारी आवेदन पत्रों की बारीकी से जांच करने के बाद सत्यापित करेंगे। अगर कोई फर्जीवाड़ा साबित होता है, तो प्रिंसिपल और नोडल अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। शासन ने जिले भर के नए, पुराने कॉलेजों और शिक्षण संस्थाओं को अविलंब मास्टर डाटा अपडेट करने को कहा है। जो कॉलेज मास्टर डाटा को अपडेट करने से चूक जाएंगे, उस विद्यालय के किसी भी विद्यार्थी को वजीफा और शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं मिलेगी। हालांकि बीते वर्ष की भांति इस वर्ष भी अभ्यर्थियों का ऑनलाइन आवेदन करना होगा।