यूपी बोर्ड इंटर गणित की परीक्षा संपन्न
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में नकल माफिया के आगे आखिरकार जिला प्रशासन की एक न चली। अफसर नकल माफिया का तिलिस्म नहीं भेद सके। परीक्षा केंद्रों पर खुलेआम नकल होती रही। नकल माफिया ने पेपर आउट कराने जैसी बड़ी घटना को भी अंजाम दे दिया। जिले में पेपर आउट होने की घटना पहली बार हुई है। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा समाप्त हो चुकी है। मगर इंटरमीडिएट परीक्षा नकलविहीन कराने में जिला प्रशासन को पसीना छूट रहा है।
26 नकलची केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट माध्यमिक शिक्षा विभाग के सात सचल दल और प्रत्येक दस केंद्रों पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट नकल रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। जिले के कुंडा और लालगंज इलाके के अधिकांश केंद्रों पर खुलेआम हो रही नकल पर जिला प्रशासन अंकुश नहीं लगा पा रहा है। जिला प्रशासन की ढिलाई के चलते ही नकल माफिया इतने हावी हुए कि एक दिन पहले पेपर हल कर खुले बाजार में बेचकर मोटी रकम की कमाई कर रहे हैं। लालगंज और कुंडा इलाके के नकलमाफिया इतने सक्रिय हैं कि शिक्षा विभाग कोई भी कदम उठाता है, इससे पहले उन्हें जानकारी मिल जाती है।
जिले के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि इंटरमीडिएट गणित और अंग्रेजी का पर्चा लीक हुआ है। इसके पहले नकलची तो मिलते थे, केंद्र डिबार भी होते थे, मगर जिला प्रशासन के भय के चलते किसी भी केंद्र पर पेपर खुलने जैसी घटना नहीं होती थी। मगर इस बार तो हद हो गई। नकल रोकने के लिए जिला प्रशासन ने जितना ताम-झाम बनाया था, वह सब धराशायी हो गया है। डीआईओएस शिवकुमार ओझा ने बताया कि यह बात समझ में नहीं आ रही है कि तैयारी में खामी कहां रह गई है। उन्होंने बताया कि मामला अब पुलिस के हाथ में है, आरोपियों की निशानदेही होती है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।