यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में परीक्षकों को ओएमआर सीट भरना आवश्यक होगा। इस वर्ष हाईस्कूल के परीक्षार्थियों के लिए भी ओएमआर सीट जारी की गई है। बीते वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों के लिए ओएमआर और हाईस्कूल के लिए अवार्ड ब्लैंक भरा गया था। बोर्ड कार्यालय ने इस वर्ष परीक्षकों का काम तो बढ़ा दिया है, मगर पारिश्रमिक पुराना ही है।
यूपी बोर्ड की परीक्षा समाप्त के बाद कापियों के मूल्यांकन का दौर 30 मार्च से प्रारंभ होकर 15 अप्रैल तक चलेगा। हाईस्कूल की कापी के लिए परीक्षकों को छह रुपये और इटंर के विद्यार्थियों की कापी जांचने के लिए दस रुपये प्रति कापी की दर से भुगतान किया जाएगा। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में पहली बार ओएमआर सीट भरने के साथ ही काला भी करना होगा। हाईस्कूल की कापियों के मूल्यांकन में ओएमआर सीट की व्यवस्था पहली बार लागू कर परीक्षकों को नई मुसीबत में डाल दिया गया है। इससे जल्दबाजी में कापी जांचकर रुपये कमाने वाले शिक्षकों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कापियों के मूल्यांकन में परीक्षकों को इस बार अवार्ड ब्लैंक के स्थान पर ओएमआर सीट भरने को मिलेगी। दो पेज की ओएमआर सीट पर पहले परीक्षक ने किस प्रश्न के उत्तर में कितना नंबर दिया है उसका विवरण देना होगा। जबकि दूसरे पेज में अंक के नीचे की संख्याओं को नीले या काले पेन से गाढ़ा गोला बनाना होगा। पहली बार परीक्षकों को मिलने वाले ओएमआर सीट भरने को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। डीआईओएस शिवकुमार ओझा ने बताया कि ओएमआर भरना कोई मुश्किल काम नहीं है। बशर्ते उन्हें सावधानी पूर्वक भरना होगा।