यूपी बोर्ड परीक्षा में इस बार जिले के नकल माफियाओं की दाल नहीं गलने वाली। जिले के अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर कंट्रोल पैनल की नजर रहेगी। परीक्षा के दौरान उनकी वेब कास्टिंग पर अधिक जोर दिया जाएगा। जिले के कुंडा तहसील व लालगंज में अधिकांश परीक्षा केंद्र ऐसे हैं जहां परीक्षा के दौरान शिकायतें मिली थीं। अब विभाग ऐसे परीक्षा केंद्रों की सूची तैयार कर रहा है। इससे नकलमाफियों की बेचैनी बढ़ गई है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो रही हैं। जिले में 199 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। विभाग के लाख इंतजाम के बाद भी जिले में हर साल नकल माफिया हावी रहते हैं। परीक्षा केंद्रों से सेटिंग कर वह नकल कराने का ठेका लेते हैं। इससे वह मोटी कमाई करते हैं। सीसीटीवी कैमरे की नजर भी इन्हें पकड़ नहीं पाती है। जिले के लालगंज व कुंडा में कई परीक्षा केंद्रों में सामूहिक नकल की बात सामने आ चुकी है। निरीक्षण के दौरान कई परीक्षा केंद्रों की पोल भी खुली है।
उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है। मगर नकल पर अंकुश नहीं लग सका है। मगर इस बार नकल माफियाओं की दाल नही गलने वाली है। सीसीटीवी कैमरों के बीच पूरी परीक्षा की वेब कास्टिंग की तैयारी है। इसके लिए कंट्रोल पैनल बनाया गया है। कंट्रोल पैनल द्वारा सबसे ज्यादा जोर अति संवेदशनशील परीक्षा केंद्रों पर दिया जाएगा।
ऐसे परीक्षा केंद्रों को कंप्यूटरों पर सेट किया जाएगा। ताकि परीक्षा शुरू होने पर एक ही क्लिप पर उनकी गतिविधियां सामने आने लगें। इसके लिए विभागीय अफसर अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों की सूची तैयार रहे हैं। परीक्षा केंद्रों के सभी कमरों पर नजर रखी जाएगी। डीआईओएस सर्वदानंद ने बताया कि वेब कास्टिंग से नकल का खेल नहीं हो सकेगा। नकलविहीन परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही है।