एनएच की नाराजगी पर पूर्व ईओ ने हटाने के लिए थमाया था नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। नगर के विभिन्न मार्गों पर चिह्नित स्थानों से हटकर लगाए गए यूनीपोल हादसों को दावत दे रहे हैं। अवैध व मनमाने तरीके से लगाए गए यूनीपोल पर नगर पालिका के जिम्मेदार मेहरबान हैं। कई यूनीपोल हाईटेंशन लाइन के करीब लगाए गए हैं। सभी को हादसों का इंतजार है।
नगर पालिका के अधिकारियों के अनुसार शहर में लगे यूनीपोल पर विज्ञापन के लिए अब तक अलग-अलग प्रचार एजेंसी काम कर रहीं हैं। बाकी नगर में विज्ञापन कब और किसने लगाया, नगर पालिका के जिम्मेदारों को भी पता नहीं है। इनसे नगर पालिका को सालाना करीब दो लाख रुपये का चूना लग रहा है।
गृहकर-जलकर की भांति विज्ञापन भी नगर पालिका की आय का जरिया है। नगर पालिका के कर्मचारियों की मिलीभगत से शहर में चिह्नित 28 स्थानों से अलग हटकर यूनीपोल लगाए गए हैं। शहर में अवैध तरीके से लगाए गए यूनीपोल की संख्या भी 15 से अधिक है। इसके लिए नगर पालिका से अनुमति भी नहीं लगी गई है।
बीते चार वर्षों में प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग पर भी धीरे-धीरे खड़े हो गए इन यूनीपोल के मालिकों की भले ही मोटी कमाई हो रही है लेकिन पालिका को चूना लग रहा है। जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने जोगापुर से लेकर चिलबिला तक लगे यूनीपोल पर नाराजगी जताते हुए उसे हटवाने का निर्देश दिया था।
एडीएम के आदेश पर पूर्व ईओ मुदित सिंह ने यूनीपोल लगाने वालों को नोटिस थमाते हुए हटाने का निर्देश दिया था लेकिन, आज तक हटाए नहीं जा सके। नगर पालिका के जिम्मेदारों की नींद नहीं खुल रही। उन्हें भी हादसों का इंतजार है।
आंबेडकर चौराहे पर चिह्नित स्थान से दूसरी जगह यूनीपोल लगाया गया है। करीब ही हाईटेंशन लाइन थी। नगर पालिका ने इसे हटाने की कोशिश भी की लेकिन सियासी दबाव की वजह से मौन साध लिया।
होर्डिंग लगाकर प्रचार के लिए है नियम भी
नगर पालिका के राजस्व निरीक्षक लाल बहादुर ने बताया कि शहर में नगर पालिका से व ग्रामीण इलाकों में विज्ञापन सामग्री लगाने के लिए जिला पंचायत से अनुमति की जरूरत होती है। नगर पालिका में तो इसके लिए बाकायदा बाइलाज बना है। इसके तहत निर्धारित जगह पर यूनिपोल या होर्डिंग लगवाने के लिए राजस्व विभाग में प्रार्थना पत्र देना होता है। साथ ही सिक्योरिटी व किराया सालाना टैक्स के रूप में जमा करना होता है। यूनीपोल व होर्डिंग से नगर पालिका को हर साल दो से तीन लाख रुपये की आमदनी होती है।
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सेटिंग से चल रहा विज्ञापन का अवैध धंधा
आरोप है कि नगर पालिका के कर्मचारियों की मिलीभगत से विज्ञापन का कारोबार तेजी से फलफूल रहा है। नगर के विभिन्न मार्गों पर विज्ञापन की होड़ लगी हुई है। विद्युत पोल के सहारे कहीं भी बड़े-बड़े विज्ञापन लगा दिए जा रहे हैं।
बार-बार टेंडर का बहाना
शहर में होर्डिंग तथा यूनीपोल के जरिये विज्ञापन लगाने के लिए पालिका की ओर से करीब पांच वर्ष से निविदा की प्रक्रिया अपनाई जा रही है लेकिन, हर बार तकनीकी कारणों से निरस्त करना पड़ता है। 27 अगस्त को भी निविदा कराने की तैयारी पालिका कर रही है।
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नगर में लगे सभी यूनिपोल की नंबरिंग कराई जाएगी। जिससे वैध व अवैध की पहचान होगी। हाईवे पर लगे यूनीपोल को हटवाया जाएगा। खतरे वाले स्थानों पर लगे यूनीपोल भी हटेंगे।
राम अचल कुरील,ईओ नगर पालिका