प्रयागराज एसटीएफ ने सिपाही भर्ती परीक्षा के अंतिम दिन शनिवार को सॉल्वर गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह लोग अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के नाम पर रुपये वसूलकर पेपर सॉल्व कराने का दावा करते थे। गैंग का सरगना प्रयागराज स्थित बोर्ड कार्यालय का बाबू बताया जा रहा है, जबकि अभ्यर्थियों से रुपये लेकर फरार आरोपी की तलाश में एसटीएफ लगी है।
सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर एसटीएफ की नजर थी। शुक्रवार की शाम मानिकपुर के मिरगढ़वा बजहाभीट में सिपाही भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम सॉल्वर गिरोह के सदस्यों की मौजूदगी में एसटीएफ प्रयागराज की टीम विनय तिवारी व मानिकपुर पुलिस के साथ छापा मारा। पुलिस को देखते ही भगदड़ मच गई। पुलिस ने घर में छिपने भाग रहे प्रयागराज के मुंडेरा निवासी शुभम सोनकर को पकड़ लिया। जो अपने मिरगढ़वा बजहाभीट में नाना सतीश सोनकर के यहां रहता था। उसके पास से सिपाही भर्ती परीक्षा के छह प्रवेश पत्र समेत कई अभिलेख मिले। पूछताछ के दौरान पता चला कि मौके पर मौजूद प्रयागराज के सोरांव सरसतपुर निवासी अरुण सिंह अभ्यर्थियों से रुपये लेकर भाग निकला। उसकी निशानदेही से एसटीएफ ने लखनऊ से जौनपुर के कमासिन कसरवा मीरगंज निवासी पवन पाल को पकड़ लिया। उसके पास भी अभ्यर्थियों के सात प्रवेश पत्र, दस्तावेज, मोबाइल बरामद हुआ। पकड़ा गया गैंग अभ्यर्थियों को बरगलाने का काम करता था। वे परीक्षार्थियों को यह विश्वास दिलाते थे कि उनके पेपर को एक एक्सपर्ट सॉल्व करेगा, जिससे उनकी नौकरी मिलना तय है। इसके बदले में इनके गैंग के सदस्य लोगों से 14 लाख रुपये की डिमांड करते थे। एडवांस के साथ ही परीक्षा समाप्त होने के दूसरे दिन शैक्षिक अभिलेख के साथ ही बकाया रुपये भी लिया करते थे। पूछताछ में शुभम ने बताया कि रिश्ते में लगने वाला चाचा कमलेश कुमार सोनकर प्रयागराज बोर्ड ऑफिस में बड़े बाबू है। जिसके कहने पर वह यह काम करता था। अभ्यर्थियों से मिले रुपये व उनके अभिलेख सभी सदस्य कमलेश के पास ही जमा करते थे। जिसके बाद रुपये का बंटवारा होता था। एसटीएफ अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गैंग के और कौन-कौन से सदस्य हैं। इस बात की भी जांच चल रही है अन्य कितने अभ्यर्थियों को इस गिरोह ने ठगा है। एसटीएफ के उपनिरीक्षक विनय तिवारी की तहरीर पर मानिकपुर थाने में शुभम सोनकर, पवन कुमार पाल, अरुण सिंह व बड़े बाबू कमलेश सोनकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मानिकपुर थानाध्यक्ष दीप नारायण ने बताया कि पकड़े गए शुभम व पवन को जेल भेजा गया।
शुभम के पिता हैं सिपाही
परीक्षाओं के सॉल्वर गैंग से जुड़े शुभम सोनकर का पिता फतेहपुर जनपद के एक थाने में दीवान के रूप में तैनात है। शुभम अपने ननिहाल में ही अधिकांश समय तक रहता था। जिससे इस मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है। एसटीएफ हर बिंदुओं पर छानबीन कर रही है।
परीक्षा पास कराने का लेते हैं ठेका, अभ्यर्थियों से 14 लाख की डिमांड
पूछताछ के दौरान सॉल्वर गिरोह के पकड़े गए पवन कुमार ने बताया कि प्रदेश ही नहीं देश में होने वाली प्रतियोगी परीक्षा को पास कराने के लिए बेरोजगारों से उनका गिरोह ठगी करता था। प्रयागराज में पुलिस की सक्रियता को देखते हुए उन लोगों ने मानिकपुर को सुरक्षित ठिकाना मानकर अभ्यर्थियों को बुलाया था। सिपाही भर्ती परीक्षा पास कराने के लिए 14 लाख रुपये का डिमांड अभ्यर्थियों से किया गया था। बहुत से अभ्यर्थियों ने रुपये भी दे दिए हैं। पकड़े गए दोनों के मोबाइल नंबर पर परीक्षा पास कराने से जुड़ा चैट भी बरामद हुआ है।
इन अभ्यर्थियों के नाम का बरामद हुआ सिपाही प्रवेश पत्र
एसटीएफ के उपनिरीक्षक विनय के अनुसार शुभम के पास से अभिषेक कुमार अजय कुमार यादव, सुशील कुमार, रामू, शुभम, अमन के नाम का प्रवेश पत्र, स्टांप पेपर, ओएमआर शीट की प्रति शैलेंद नाम की फोटो सहित शैक्षिक अभिलेख, पासबुक, डेबिट कार्ड, मोबाइल व 125 रुपये मिले। शुभम के साथ मौजूद अरुण सिंह ढाई लाख रुपये लेकर भाग निकला। जबकि पवन के पास से मीतू पाल, अग्निवेश, सुशील कुमार, नितिन कुमार, मोहित कुमार, शुभम, अमित कुमार सिंह के नाम का प्रवेश पत्र, मोबाइल मिला। मोबाइल से उसने दूसरे लोगों से परीक्षा को लेकर चैट भी किया था।