नगर पालिका चेयरमैन के उपचुनाव को लेकर गहमागहमी तेज हो गई है। शुक्रवार को भाजपा और सपा के दो बागियों ने अपने नामांकन पत्र वापस ले लिए हैं। कुल 12 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। नाम वापसी के बाद अब कुल नौ प्रत्याशी ही चुनाव मैदान में बचे हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष रहे हरि प्रताप सिंह के निधन के बाद हो रहे उपचुनाव में भाजपा, सपा समेत कुल 12 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। नामांकन पत्रों की जांच में किसन कुमार भारतीय का नामांकन उम्र कम होने की वजह से निरस्त कर दिया गया था।
भाजपा से बगावत कर संतोष मिश्रा व रवि गुप्ता ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। संतोष को नामांकन के पहले से ही भाजपा नेता मनाने की कोशिश में लगे रहे। नामांकन करने के बाद संतोष मिश्रा ने धमकी मिलने की बात भी कही थी।
हालांकि शुक्रवार को उन्होंने पार्टी नेताओं के दबाव के चलते नामांकन वापसी को राजी होना पड़ा। प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह व एक पूर्व मंत्री के अलावा जिले के भाजपा नेता लगातार उनके संपर्क में रहे। संतोष मिश्रा के नामांकन वापसी को लेकर बागी सभासद व अन्य भी हैरत में हैं।
वहीं सपा नेता शिवपाल यादव के करीबी विनोद पांडेय ने भी अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। जिसके बाद सपा प्रत्याशी ने राहत की सांस ली। जिसके बाद अब कुल नौ प्रत्याशी ही चुनाव मैदान में बचे हैं।