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24 घंटे के भीतर शिक्षक समेत दो लोगों की मौत, अंतू थाने के एसआई समेत 248 संक्रमित मिले

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रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का कोरोना जांच करते स्वास्थ्यकर्मी। - फोटो : PRATAPGARH
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प्रतापगढ़। कोरोना की दूसरी लहर लोगों की जान पर अब भारी पड़ रही है। 24 घंटे के भीतर शिक्षक समेत दो लोगों की मौत हो गई। 248 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। संक्रमितों को होम आइसोलेट करने का स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है। जिले में 568 स्थानों पर कागज पर हाटस्पाट जोन बनाया गया है।
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बुधवार को 24 घंटे के भीतर 248 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। उधर, कंधई के बीरमऊ के रहने वाले एक शिक्षक नेता बीते सप्ताह बुखार से पीड़ित थे। उन्होंने कोरोना की जांच कराई तो संक्रमित निकले। घर पर आइसोलेट हो गए। मंगलवार शाम उनकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन प्रयागराज लेकर जा रहे थे। रास्ते में शिक्षक नेता की मौत हो गई। उधर शहर के अष्टभुजा नगर के रहने वाले एक बुजुर्ग कोरोना संक्रमित थे। वे घर पर ही आइसोलेट थे। हालत बिगड़ने पर जब तक परिजन चिकित्सक को संदेश देते कि इसी बीच उसने दम तोड़ दिया। उधर, संडवाचंद्रिका सीएचसी में हुए जांच में अंतू थाना के दो उपनिरीक्षक और सीएचसी में अटैच एक गाड़ी के चालक समेत सात लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है।
लालगंज सीएचसी में जांच में 25 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। रानीगंज में हुए जांच में बीओबी कर्मचारी समेत पांच लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। शहर के चार तो पट्टी के सात लोगों समेत 248 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। जिले में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 1825 हो गई है। जिले में अबतक 7771 लोग कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 5862 लोग स्वस्थ्य हो चुके हैं। मौजूदा समय में कोरोना से मरने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 87 हो गई है। इन दिनों एलटू अस्पताल में 30 तो प्रयागराज में जिले के 34 लोग और लखनऊ में तीन व होम आइसोलेशन में 1366 तो अन्य फैसिलिटी सेंटर में 392 मरीजों को रखकर चिकित्सक इलाज कर रहे हैं। कोरोना के नोडल प्रभारी डा. सुधाकर सिंह ने बताया कि यथासंभव मरीजों के इलाज का इंतजाम किया जा रहा है।
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होम आइसोलेशन में रखे गए मरीजों का फोन पर हो रहा इलाज
स्वास्थ्य विभाग का अलग ही कारनामा है। होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों का महज फोन कर चार-चार दिनों पर हाल चाल चिकित्सक लेते हैं। अपनी सुनाते हैं और उनकी सुनने की बारी आने पर फोन काट देते हैं। इससे होम आइसोलेशन में रहने वाले ज्यादातर मरीजों के जान को खतरा बना रहता है। मगर इससे सीएमओ अंजान बने हैं।
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