सई नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए तीन एमएलडी के दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगेंगे। करीब 30 करोड़ की लागत से बनने वाले प्लांट से नालों के गंदे पानी को शोधित करके सई नदी में छोड़ा जाएगा। पालिका क्षेत्र के छोटे और बड़े नालों को इससे जोड़ा जाएगा। इसके लिए भुलियापुर और रामलीला मैदान के पास जमीन की खोजबीन की जा रही है।
नगर पालिका परिषद बेल्हा की आबादी करीब सवा लाख है। नगर पालिका क्षेत्र में छोटे-बड़े 103 नाले हैं। इसमें चार नाले प्रमुख हैं। रामलीला मैदान, पुलिस लाइन, बेल्हा देवी और भुलियापुर से गुजरे नाले अजीत नगर एसटीपी से जुड़े हुए हैं। सैयाबांध और साकेत काॅलेज के साथ ही कई नाले अभी एसटीपी से नहीं जुड़ पाए हैं।
इसके लिए सई नदी के किनारे तीन एमएलडी क्षमता के दो एसटीपी स्थापित करने की तैयारी चल रही है। प्लांट करीब एक-एक बीघे जमीन में लगेगा। जलनिगम के सर्वे में भुलियापुर व रामलीला मैदान चिह्नित भी हो चुका है। प्लांट बनने से पालिका को प्रदूषण से जहां एक ओर मुक्ति मिलेगी। वहीं सई नदी में शेष नालों से गिरने वाला गंदा पानी रुक जाने से सई नदी में शुद्ध पानी गिरेगा।
जलनिगम नगरीय प्रयागराज के सहायक अभियंता (नगरीय) रबन गंगवार ने बताया कि एक- एक बीघे जमीन में दो एसटीपी लगने हैं। जमीन उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका को पत्र भेजा गया है।
8.95 एमएलडी का बना है एक प्लांट
सई नदी के किनारे 8.85 एमएलडी का एसटीपी यानि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगा है। इसमें शहर के चार प्रमुख नाले रामलीला मैदान, पुलिस लाइन, बेल्हा देवी और भुलियापुर से गुजरे नाले को जोड़ा गया है।
एसटीपी के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। राजस्व विभाग और नगर पालिका की संयुक्त टीम जमीन की खोजबीन कर रही है। जल्द ही एसटीपी निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराया जाएगा।
राकेश कुमार, ईओ