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20 लाख बेल्हावासियों को जनवरी 2023 में मिलेगा पीने का पानीपपुपुप

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प्रतापगढ़। जिले के 20 लाख लोगों को जनवरी 2023 तक नल से जल की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। ग्रामीण इलाकों में पेयजल इकाइयों की स्थापना के लिए बोरिंग का काम शुरू हो गया है। वर्ष 2024 तक जिले के हर घर को नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य है। इस मिशन को पूरा करने के लिए जिले में काम तेजी से चल रहा है।
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जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले की 210 ग्राम पंचायतों में नई पेयजल इकाइयों की स्थापना और 396 पुरानी पेयजल इकाइयों को नया स्वरूप प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक घर को नल से जल मुहैया कराने में 934.23 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वर्ष 2024 तक इस योजना को साकार करने के लिए 19.6 प्रतिशत आबादी को पूर्व में स्थापित पानी की टंकियों से और 80.39 प्रतिशत आबादी को नई पानी की टंकियां स्थापित कर पानी पहुंचाने की योजना है।
जिले के 17 विकासखंडों में हैंडपंपों के जवाब देने से गांव के लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2024 तक जिले के प्रत्येक घर को नल से जल मुहैया कराने की व्यापक रणनीति तैयार की है। योजना के तहत गांव-गांव पानी की टंकियां स्थापित कर पाइप लाइन से पानी पहुंचाया जाना है। बेलखरनाथधाम विकास खंड के करमाही गांव से इसकी शुरुआत हो चुकी है। अभी तक नौ पेयजल इकाइयों की स्थापना करने के लिए बोरिंग का कार्य अंतिम दौर में है। इस साल के अंत तक 20 लाख लोगों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। जबकि 2024 तक पूरे जिले को इस योजना से आच्छादित करना है।
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ग्राम पंचायतों के हवाले होंगी पेयजल इकाइयां
ग्राम पंचायतों में पेयजल इकाइयों के निर्माण के बाद देखरेख की जिम्मेदारी पेयजल समितियों की होगी। समितियां उपभोक्ताओं से जलकर के रूप में वसूली कर पेयजल इकाइयों का संरक्षण करेंगी। गांव के प्रधान और सचिव इसके लिए जवाबदेह बनाए जाएंगे।
जल जीवन मिशन योजना के तहत तेजी से काम हो रहे हैं। नौ ग्राम पंचायतों में बोरिंग का कार्य पूरा हो चुका है। पाइप बिछाने का कार्य चल रहा है। 2024 तक योजना के तहत हर घर को नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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सुरेंद्र कुमार, अधिशाषी अभियंता, जलनिगम
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