गांधी जयंती को लेकर स्वच्छता पखवाड़ा चलाया जा रहा है। मगर जमीनी हकीकत कुछ और ही है। शहर में फैली गंदगी ही अभियान पर प्रश्न चिन्ह है। महुली में एमआरएफ सेंटर में दो लाख एमटी कूड़ा डंप है। शहर के 25 वार्डों में कुड़े के ढेर पालिका की स्वच्छता अभियान की पोल खोल रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रतिदिन साफ-सफाई न होने से वार्ड की हर गली-मोहल्ले में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। नगर पालिका ने साफ-सफाई की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए लाखों की लागत से कचरा गाड़ी सहित डस्टबिन की खरीद की।
इसके बाद भी हर गली और मोहल्ले में गंदगी के ढेर लगे हैं। स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर सिर्फ दिखावा हो रहा है। नगर पालिका स्तर पर स्वच्छ भारत अभियान के तहत खानापूरी की जा रही है।
नाम का एमआरएफ सेंटर, कूड़े के ढेर में दबीं मशीनें
शहर के 25 वार्डों से प्रतिदिन निकलने वाला करीब 50 से 60 एमटी कूड़ा महुली एमआरएफ सेंटर में गिराने का दावा नगर पालिका की ओर से किया जाता है। यहां करीब दो लाख एमटी टन कूड़ा डंप है। इसके निस्तारण का कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है।
यहां मशीनों से कूड़ा पृथक करने के लिए कई मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन तकनीक विशेषज्ञ न होने के चलते लाखों रुपये की मशीनें कूड़े में दबती जा रही हैं। मशीनों में जंग लग रहा है। कूड़ा पृथक करने के लिए चार कर्मचारी लगाए गए हैं, गेट के बाहर भी कूड़ा फैला देखा जा सकता है।
महुली में सामुदायिक शौचालय बदहाल
नगर पालिका की ओर से महुली प्राथमिक स्कूल के करीब ही सामुदायिक शौचालय है। देखभाल के लिए सामुदायिक शौचालय को एक संस्था के हवाले किया गया है। सफाई नायक सुनील सिंह देखरेख करते हैं। ताला खुला रहता है, लेकिन दशा खराब है। टोटियां गायब हैं। भीतर गंदगी का अंबार लगा है। गेट पर ठेला खड़ा है और दरवाजे पर बकरी बंधी रहती हैं।
शहर भर में फैले प्रमुख स्थानों को चिह्नित कर विशेष सफाई अभियान चलाकर गंदगी मुक्त किया जाएगा। शहरवासियों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्हें खुले में कूड़ा फेंकने से परहेज कराना चाहिए। एमआरएफ सेंटर में डंप कूड़े के निस्तारण के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
- संतोष सिंह, सफाई निरीक्षक, नगर पालिका