फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pratapgarh News: ड्रग वेयर हाउस से दो कफ सिरप के नमूने जांच को भेजे

विज्ञापन
विज्ञापन
खाद्य सुरक्षा व औषधि निरीक्षक ने बृहस्पतिवार को ड्रग वेयर से बच्चों को दी जाने वाली कफ सिरप एम्ब्रोक्सोल हाइड्रोक्लोराइड और लेवोसाल्बुटामोल के नमूने लेकर जांच के लिए लखनऊ स्थित प्रयोगशाला में भेजा है।
विज्ञापन

ड्रग इंस्पेक्टर शिव कुमार नायक ने बताया कि यह कफ सिरप सरकारी अस्पतालों में बच्चों को दी जाती है। इसके आलावा कई प्राइवेट सेंटरों से अलग-अलग कंपनियों के कफ सिरप के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि जिस कंपनी की कफ सिरप से राजस्थान और एमपी में बच्चों की मौत हुई है, उस फर्म की दवा प्रतापगढ़ के किसी मेडिकल स्टोर पर नहीं मिली। जिले भर के मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिया गया है कि बगैर चिकित्सक के पर्चे को देखे मरीजों को खांसी का सिरप न दें। पकड़े जाने पर लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
डॉक्टरों की सलाह
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा ने कहा कि छोटे बच्चों की नसें पतली होती है। खांसी का सिरप देने से कफ सूख जाता है। इससे बच्चों की जान को खतरा बढ़ जाता है। इनके स्थान पर बच्चों के सीने पर गर्म तेल लगाने और गुनगुना पानी पिलाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने आदेश जारी किया है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि दो साल तक के बच्चों को कफ सिरप डेक्सट्रोमेथोर्फन नहीं देना नहीं चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें