लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सभी दलों के प्रत्याशी बूथ पर मजबूत पकड़ बनाने की जोरआजमाइश में जुट गए हैं। सभी दलों के कार्यकर्ता वोटरों को अपने पाले में करने के लिए ढाबों पर पार्टी व गांवों में बाटी-चोखा का कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। देर रात तक विकास के दावे के बीच प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाया जा रहा है।
लोकसभा चुनाव 12 मई को है। जिले में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सभी दलों के प्रत्याशियों के पक्ष में पार्टी के शीर्षस्तर के नेताओं की जनसभाएं शुरू हो गई हैं। जीत दर्ज करने के लिए सभी माहौल बनाने में जुटे हैं। प्रत्याशी कार्यकर्ताओं संग दिनभर गांव-गांव जनसंपर्क कर रहे हैं। इसके अलावा बूथ पर भी मजबूत पकड़ बनाने की पूरी रणनीति बनाई जा रही है। इसकी जिम्मेदारी विधानसभावार सियासी पुरोधाओं को दी गई है।
इसके लिए बूथवार कार्यकर्ताओं की टीम तैयार की गई है। जो युवा वोटरों को लुभाने के लिए ढाबे पर पार्टी दे रहे हैं। जायकेदार व्यंजनों की थाली परोसी जा रही है। इसके अलावा गांवों में बाटी- चोखे का कार्यक्रम भी आयोजित हो रहा है। बाटी चोखे के कार्यक्रम के बीच कार्यकर्ता अपने प्रत्याशी की वाहवाही कर रहे हैं। लोगों से विकास के वादे भी कर रहे हैं। इसका पूरा खर्च प्रत्याशी उठा रहे हैं। बाटी-चोखा व ढाबे की पार्टी का असर कितना सार्थक होगा यह 23 मई को चुनाव परिणाम आने पर ही पता चलेगा।