मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल, मेडिकल और आर्थो सर्जरी विभाग में भर्ती मरीजों का इलाज स्टाफ नर्स कर रही हैं। जिन चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है वे महज सीनियर चिकित्सकों की तरह एक बार राउंड लगाने आते हैं। इसके बाद अपने आवास पर चले जाते हैं।
मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग, मेडिकल और चिल्ड्रेन विभाग में जेआर की ड्यूटी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने लगा रखी है। बगैर जेआर के निर्देश मिले स्टाफ नर्स को किसी प्रकार का इंजेक्शन और दवा देने से भी रोका गया है। मगर वार्ड में तैनात चिकित्सक एसआर की तरह एक बार वार्ड में राउंड लगाकर अपने आवास पर चले जाते हैं। फिर मरीज चाहे दर्द से तड़पता ही न रहे मगर जेआर देखने नहीं आते हैं। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ता है। लगातार इसकी शिकायत मिलने पर मंगलवार को सीएमएस डॉ. सौभाग्य प्रकाश ने जनरल सर्जिकल, आर्थो सर्जिकल और मेडिकल वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान कहीं पर जेआर नहीं मिले। स्टाफ नर्स मरीजों का इलाज कर रही थी। इस पर सीएमएस ने नाराजगी जताते हुए नोटिस देकर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। जवाब न मिलने पर कार्रवाई के लिए प्राचार्य को पत्र लिखने की बात कही।