मनकापुर से इलाहाबाद के बीच चलने वाली सरयू एक्सप्रेस कहने के लिए तो एक्सप्रेस ट्रेन है। किराया भी एक्सप्रेस का लिया जाता है। मगर चलती है पैसेंजर की तरह। इससे यात्री परेशान हैं। कई बार इस समस्या को रेल मंत्रालय तक पहुंचाया गया, मगर कोई नतीजा नहीं निकला। सरयू एक्सप्रेस प्रतापगढ़ से इलाहाबाद रूट पर जाती है तो रास्ते में पड़ने वाले हर छोटे,बड़े स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन की तरह रुकती जाती है। जबकि इसका किराया एक्सप्रेस का लिया जा रहा है। उधर से लौटते समय भी इसका यही हाल है। यात्री यह समझकर सरयू ट्रेन पकड़ता है कि एक्सप्रेस है जल्दी पहुंचाएगी। बैठने के बाद जब पहला स्टापेज भुपियामऊ आता है तो यात्री माथा पकड़ लेते हैं।
उसके बाद के सारे ऐसे स्टेशनों पर रुकती जाती है। विश्वनाथगंज, मऊआइमा, धीरगंज, दयालपुर, सेवाइत, फाफामऊ और प्रयाग स्टेशनों पर रुकती हुई इलाहाबाद जाती है। यात्रियों का कहना है कि जब इसको पैसेंजर की तरह ही चलाना है तो किराया भी पैसेंजर की तरह ही लिया जाए। अगर ऐसा नहीं हो सकता तो स्टापेज निर्धारित किया जाए। इसकी कई बार मांग की गई, मगर यात्रियों की आवाज नक्कारखाने में तूती साबित हुई। सूत्रों का कहना है कि सरयू का स्टापेज हर स्टेशन पर नहीं है। चालक और गार्ड अपनी मर्जी से रोकते होंगे। अगर कुछ होता है इसकी जिम्मेदारी उनकी होगी। बता दें कि नौकरी-पेशा, छात्रों और कोर्ट कचहरी के लिए इलाहाबाद जाने वाले यात्रियों के लिए सरयू एक मुफीद ट्रेन है। फैजाबाद, सुल्तानपुर से डेली पैसेंजर यह ट्रेन पकड़कर इलाहाबाद आते, जाते हैं। जिससे इसमें भीड़ बहुत रहती है। दिन भर काम करने के बाद रात को इसी ट्रेन को पकड़कर वापस आ जाते हैं।