चिलबिला में गिट्टी गिराकर प्रतापगढ़ आ रही मालगाड़ी का एक वैगन जेल रोड क्रासिंग के पास पटरी से उतर गया। हादसे के कारण वाराणसी-लखनऊ और फैजाबाद रेलमार्ग करीब डेढ़ घंटे ठप रहा। खबर पाकर पहुंचे अफसरों ने काफी मशक्कत के बाद रूट बहाल कराया। उत्तर रेलेवे के डीआरएम ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
बछरावां रेलवे स्टेशन से 53 वैगन की मालगाड़ी गिट्टी गिराते हुए दोपहर ढाई बजे प्रतापगढ़ आ रही थी। इस ट्रेन को काशन पर चलाया जा रहा था। सोमवार दोपहर 2.35 बजे मालगाड़ी प्रतापगढ़ जेल रोड क्रासिंग के पास पहुंची। मालगाड़ी को यार्ड के लाइन नंबर सात पर लिया जा रहा था। इस बीच एक वैगन अचानक पटरी से उतर गया। जब तक चालक दिनेश कुमार व सहायक अजय कुमार प्रजापति को इसकी जानकारी होती तब तक ट्रेन सौ मीटर आगे बढ़ गई। इससे पटरी के शिलापट्ट जहां टूट गए वहीं क्लैंप दूर जा गिरे। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। उसने इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर के साथ कंट्रोल को दी।
घटना की जानकारी होते ही अफसरों में हडक़ंप मच गया। कर्मचारी और अफसर भागकर मौके पर पहुंचे। हादसे के कारण वाराणसी-लखनऊ और फैजाबाद मार्ग करीब डेढ़ घंटे तक बाधित रहा। रेलवे के अफसरों ने पावर इंजन मंगवाकर मालगाड़ी को किसी तरह हटाया। तब जाकर मार्ग बहाल हो सका। जेलरोड क्रासिंग के पास हादसा होने के कारण भीषण जाम लग गया। इससे लोग परेशान नहे। डिप्टी एसएस एसपी पांडेय ने बताया कि हादसा मेन लाइन पर हुआ था। करीब 4 बजे रूट साफ हुआ। उधर, डीआरएम ने इस मामले की जांच एडीआरएम को सौंपी है।
गायब दिखे ज्यादातर क्लैंप
मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद सात नंबर लाइन के पटरी के ज्यादातर क्लैंप उखडक़र दूर जाकर गिरे थे। इससे यह साफ पता चलता है कि चाभीमैन यार्ड की ओर ध्यान नहीं देते हैं।
चालक और गार्ड के नशे की हुई जांच
मालगाड़ी बेपटरी होने के बाद रेल अफसर मौके पर पहुंच गए। सबसे पहले लोको लाबी इंचार्ज एमबी सिंह ने इंजन की स्पीड की जांच की। इसके बाद चालक और उसके सहायक के साथ गार्ड के नशे की जांच की गई। तीनों का ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेज दिया गया।
11 माह में चौथी बार बेपटरी हुई मालगाड़ी
प्रतापगढ़ स्टेशन पर 11 माह के भीतर चौथी बार मालगाड़ी बेपटरी हुई है। पहली बार बीते साल होली की रात जेल रोड क्रासिंग के पास ही मालगाड़ी पटरी से उतर गई थी। दूसरा हादसा आरपीएफ थाने के सामने हुआ था। सुलतानपुर से प्रतापगढ़ आ रही मालगाड़ी का चालक सिग्नल तोड़ते हुए मालगाड़ी को लेकर स्टेशन पर जा रहा था। इस दौरान मालगाड़ी का इंजन ही पटरी से उतर गया था। पांच माह पहले नया माल गोदाम के पास मालगाड़ी के तीन वैगन पलट गए थे। एक वैगन मेल लाइन पर पहुंच गया था। लखनऊ-बनारस इंटरसिटी एक्सप्रेस चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा बच गया था। सोमवार दोपहर फिर जेलरोड क्रासिंग के पास मालगाड़ी बेपटरी हो गई।