तमाम प्रयासों के बाद भी शहर में जाम लग रहा है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सेंटल पार्किंग से भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। शहर की यातायात व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। अधिकारियों के तमाम प्रयास के बाद भी सड़कों पर जाम लग जा रहा है। इससे वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है। इस वजह से लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों और बच्चों को होती है। यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अधिकारियों ने पहले शहर से अतिक्रमण को हटवाया।
इसके बाद पंजाबी मार्केट से लेकर महिला अस्पताल और चौक घंटाघर के बीच सेंट्रल पार्किंग की व्यवस्था कराई। साथ ही वाहनों और ठेले वालों की भी व्यवस्था कराई। कई स्थानों को नो पार्किंग जोन भी घोषित किया गया। ताकि जाम से लोगों को छुटकारा मिल सके। इसके बाद भी लोगों को जाम से राहत नहीं मिल सकी। वहीं बड़े और छोटे वाहन दिन रात शहर से ही होकर गंतव्य को जाते हैं। इससे भी जाम की समस्या और बढ़ जाती है। वहीं ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य बनाए रखने के लिए होमगार्डों को जिम्मेदारी दी जाती है। वे चौराहों पर भले ही मौजूद रहते हैं, फिर भी जाम लगता है। यातायात विभाग के सिपाही अक्सर चौराहों से गायब हो जाते हैं। जिलाधिकारी के आदेश के बाद कचहरी परिसर के आसपास पटरियों पर बैरिकेडिंग होने लगी है।