व्यापारी नेता महादेव केसरवानी पर जानलेवा हमले के विरोध में शुक्रवार को पूरी तरह से बेल्हा बंद रहा। घटना से आक्रोशित व्यापारियों ने जुलूस निकालकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। अधिकारी उपद्रव की आशंका पर नजर रखने के लिए चक्रमण करते रहे। एडीएम व एएसपी पूर्वी मकंद्रूगंज पुलिस चौकी रुककर हालात पर नजर रखे हुए थे। सदर बाजार में कई थानों की पुलिस पीएसी संग डटी रही।
शहर के सदर बाजार निवासी महादेव केसरवानी को बुधवार की सुबह सोते समय घर में घुसकर गोली मारी गई थी। इस घटना के विरोध में जनपद के व्यापारी आक्रोशित हो गए। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के साथ गुरुवार को हुई बैठक बेनतीजा रही। शुक्रवार को बाजार बंद रख विरोध प्रदर्शन करने के लिए व्यापारियों ने घोषणा कर दी। सुबह से ही आक्रोशित व्यापारी दुकानें बंदकर विरोध प्रदर्शन करते रहे। इस दौरान बाइक जुलूस निकालकर व्यापारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और खुली दुकानें बंद कराईं। बाबागंज में दो होटल खुले थे। जिसे बंद कराने के लिए व्यापारियों का काफिला रुका। पहले तो होटल कर्मचारियों से उनकी नोकझोंक हुई, लेकिन बाद में होटल बंद करना पड़ा।
स्टेशन रोड, भंगवा चुंगी, कचहरी रोड, मीराभवन, अंबेडकर चौराहा, श्रीराम तिराहा, सदर बाजार, चिलबिला, महुली तक भ्रमण कर व्यापारियों ने खुली दुकानें बंद कराईं। हालांकि जुलूस को देखते ही लोग अपनी दुकानें बंद कर दे रहे थे। अनहोनी की आशंका से परेशान अधिकारियों ने शहर के हर चौराहों पर पुलिस फोर्स तैनात कर रखी थी। अपर जिलाधिकारी पुनीत शुक्ला, एएसपी पूर्वी अखिलेश्वर पांडेय पुलिस फोर्स के साथ मकंद्रूगंज पुलिस चौकी से विरोध प्रदर्शन करने वालों पर नजर रखे हुए थे। कई बार शहर का चक्रमण भी किया। शहर के हर चौराहों पर थानेदार व चौकी प्रभारी लगाए गए थे। ताकि किसी तरह का विवाद न हो सके। एसडीएम सदर जेपी मिश्रा, सीओ सिटी, सीओ सदर भी शहर का भ्रमण कर हालात पर नजर रखे हुए थे। सरदार मंजीत सिंह छाबड़ा, राजेंद्र केसरवानी, उमा प्रकाश अग्रहरि, शकील अहमद, अख्तर राईन, मंजीत सिंह गोविंद, संजय जैन समेत सैकड़ों व्यापारी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।