जिला अस्पताल के एक किमी की परिधि को हॉटस्पॉट बनाने से चिकित्सा और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बंद होने पर व्यापारियों ने नाराजगी प्रकट की है। व्यापारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर कहा है कि मरीज जिस इलाके का है, उसी इलाके को हॉटस्पॉट बनाया जाए। जिला और महिला अस्पताल ऐसे हैं जहां प्रतिदिन मरीज आते हैं और उनकी पुष्टि यहां आने के बाद ही होती है। ऐसे में जिला अस्पताल परिसर को हॉटस्पॉट बनाना उचित नहीं है।
उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुमार केसरवानी की अगुवाई में व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मिलकर जिला अस्पताल परिसर को हॉटस्पॉट से मुक्त करने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि महिला और पुरुष अस्पताल में प्रतिदिन जिलेभर से मरीज आते रहते हैं। आइसोलेशन में भर्ती होने के बाद स्लैब जांच के लिए भेजा जाता है। ऐसे में मरीजों की पुष्टि होने की रिपोर्ट प्राय: आती रहेगी। व्यापारियों की मानें तो अस्पताल परिसर के आसपास का एरिया मेडिकल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का केंद्रबिंदु है।
हॉटस्पॉट घोषित होने से सभी प्रकार की गतिविधियां बंद होने के साथ ही बैकों में ताला लटकने से व्यावसायिक कार्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में हॉटस्पॉट एरिया को समाप्त करना आम जनता और व्यापारियों के हित में है। व्यापारियों ने डीएम से इस मुद्दे पर विचार करने को कहा है। इस मौके पर मंजीत सिंह छाबड़ा, अशोक कुमार सिंह, लखनलाल केसरवानी, अश्विनी केसरवानी, संजय सोनी, डा. घनश्याम अग्रवाल, संजय अग्रवाल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।