प्रतापगढ़ संसदीय क्षेत्र में रविवार को हुए मतदान में शहरियों ने जागरूकता दिखाते हुए सभी को पीछे छोड़ दिया है। सदर विधानसभा सिर्फ मतदान प्रतिशत में आगे नहीं रही, बल्कि वर्ष 2014 का रिकार्ड भी तोड़ दिया। सदर विधानसभा में वर्ष 2014 में 52.50 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया था, जो इस वर्ष बढक़र 53.0 प्रतिशत पर पहुंच गया है। वोट प्रतिशत का यह अंतराल चारों विधानसभा से अधिक है। हालांकि रानीगंज के मतदाताओं ने भी 0.27 प्रतिशत अधिक मतदान किया है।
रविवार को हुए लोकसभा के चुनाव में तीन विधानसभा के मतदाता वोटिंग में जहां पीछे रह गए, वहीं सदर और रानीगंज विधानसभा के मतदाताओं ने खूब वोट बरसाएं हैं। सदर विधानसभा में वर्ष 2014 में 52.50 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया था, जो इस वर्ष 2019 में बढक़र 53.0 प्रतिशत पर पहुंच गया है। वोट प्रतिशत का यह अंतराल चारों विधानसभा से अधिक है। हालांकि रानीगंज के मतदाताओं ने भी 0.27 प्रतिशत अधिक मतदान किया है। वर्ष 2014 के चुनाव में पट्टी विधानसभा में सबसे अधिक 57.0 प्रतिशत मतदान हुआ था। मगर इस वर्ष सदर विधानसभा के मतदाताओं ने सबसे अधिक मतदान करके पट्टी का रिकार्ड तोड़ दिया है।
सबसे अधिक मतदाता और मतदान में फिसड्डी रहा विश्वनाथगंज
जिले के सबसे अधिक मतदाता वाले विधानसभा विश्वनाथगंज में इस वर्ष सबसे कम मतदान हुआ है। पांचों विधानसभाओं में सबसे अधिक फिसड्डी विश्वनाथगंज के मतदाता रहे हैं। वर्ष 2014 में विश्वनाथगंज का मत प्रतिशत 52.0 था, जो इस वर्ष घटकर 49.57 प्रतिशत पर आ गया है।
प्रतापगढ़ संसदीय क्षेत्र के विश्वनाथगंज विधानसभा में सबसे अधिक 3,82,918 है। पूर्व के वर्षों में मतदान प्रतिशत में आई गिरावट को लेकर प्रत्याशी ही नहीं, अधिकारी भी चिंतित हैं। वर्ष 2014 में विश्वनाथगंज का मत प्रतिशत 52.0 था, जो इस वर्ष घटकर 49.57 प्रतिशत पर आ गया है। पांचों विधानसभाओं में सबसे कम मत प्रतिशत विश्वनाथगंज विधानसभा का है। फिलहाल वोटिंग प्रतिशत घटने से प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ गई है। विश्वनाथगंज विधानसभा ऐसी है, जिसमें सभी प्रत्याशी अपनी बढ़त मानकर चल रहे हैं। मगर मतदान प्रतिशत घटने से चिंता बढ़ गई है।